बालोद : नाले में रोज बहाना पड़ रहा है दूध….

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बालोद- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लॉकडाउन के चलते सब बंद है जिसके बाद बालोद मुख्यालय में संचालित होने वाले दूधगंगा सहकारी समिति को भी बंद कर दिया गया है ।इसे केवल सुबह शाम को दो-दो घंटे खोलने की अनुमति मिली है। यहां से 300 पशुपालक परिवार का गुजारा होता है प्रतिदिन यहां 300 से 1500 लीटर दूध बेचकर पशुपालक अपना परिवार चलाते हैं अब लेकिन खपत नहीं होने के कारण प्रतिदिन 1100 लीटर दूध को नाले में बहाना पड़ रहा है।

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जिले में दूध गंगा संचालित करने वाली समिति के सामने बड़ी चुनौती है अगर पशुपालक का दूध नहीं लेंगे तो पशुपालकों की जिंदगी का गुजारा करने में काफी परेशानी आएगी ,और लेने के बावजूद खपत नहीं होने से समिति परेशान हैं। समिति ने निर्णय लिया है कि 21 अप्रैल को दूध का मूल्य घटाकर 24 रूपए पशुपालकों को दिया जाएगा जबकि अभी दूध का पूरा मूल्य प्रति लीटर के हिसाब से 37 रूपए भुगतान किया जा रहा है।

बालोद में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने 5 जून 2018 को उद्घाटन किया था यहां दूध से बने कई तरह के उत्पादों की बिक्री होती है इस दूधगंगा को डिवेलप करने के लिए शासन ने 65 लाख की मशीन लगाई है 30 लाख का प्लांट निर्माण किया गया। यह अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है । जिसे दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगाया गया था।