राजनंदगांव: पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पत्रकारों से की चर्चा, रमन सिंह ने क्या कहा पढ़िए पूरी खबर….

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राजनांदगांव लॉक डाउन में छत्तीसगढ़ राज्य की कांग्रेस सरकार के शराब बिक्री की नीति को लेकर के आज पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने सवाल उठाए हैं राज्य में शराब बेचने के फैसले को लेकर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने साफ तौर पर कहा कि 40 दिन की तपस्या भंग हो गई है छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार के एक फैसले के चलते छत्तीसगढ़ में सोशल डिस्टेंसिंग और धारा 144 की धज्जियां उड़ गई हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने जिला भाजपा कार्यालय में आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य के भूपेश सरकार से तीखे सवाल किए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराबबंदी किए जाने को लेकर के भूपेश सरकार ने सत्ता में आने से पहले हाथ में गंगा जल लेकर के कसम खाई थी लेकिन आज वे इसके विपरीत कार्य करते हुए ऐसी महामारी के दौर में भी शराब बेचने के फैसले को सहमति दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान शराब 17 मई तक नहीं बेचा जाना चाहिए था छत्तीसगढ़ के लोगों में इस बात को लेकर के काफी आक्रोश है वहीं छत्तीसगढ़ की महिलाएं भी सरकार के इस फैसले से नाखुश है उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिला कमांडो जी-जान जान लगाकर शराब का विरोध कर रही है लेकिन शराब बेचकर सरकार ने साफ तौर पर बता दिया है कि राजस्व से बढ़कर उनके लिए कुछ नहीं.

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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पत्रकारों से की चर्चा

आने वाले मजदूरों का हो रैपिड टेस्ट
पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से लगातार मजदूर बिना मेडिकल चेकअप के राज्य में प्रवेश कर रहे हैं ऐसे मजदूरों को दूसरे राज्यों से लाने की सुविधा सरकार दे और राज्य की सीमा में पहुंचने के बाद उनका मेडिकल टेस्ट करें रैपिड टेस्ट किट के जरिए मजदूरों का कोरोना टेस्ट किया जाना चाहिए ताकि राज्य को संक्रमण से दूर रखा जा सके.

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य खेल गई सरकार
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लॉक डाउन लागू करके जिस तरीके से लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की चिंता की थी उसके विपरीत छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब दुकान खोल कर छत्तीसगढ़ के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खेल गई सैकड़ों की भीड़ शराब दुकानों में लगी जहां सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का उपयोग नहीं हो पाया इसके चलते संक्रमण फैलने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को केवल राजस्व की चिंता है उन्होंने साफ तौर पर बताया कि छत्तीसगढ़ का बजट 120000 करोड रुपए है लेकिन शराब अगर 17 मई तक ना  बेचे तो महज 300 करोड रुपए का नुकसान होगा लेकिन इसके बदले में छत्तीसगढ़ के लाखों लोग संक्रमण से बचे रहेंगे.