राजनांदगांव : बच्चों का भविष्य गढऩे में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका – कलेक्टर…

10वीं, 12वीं की नि:शुल्क कोचिंग के लिए नामित व्याख्याताओं की बैठक लेकर कलेक्टर ने शिक्षकों की महती भूमिका की सराहना की
राजनांदगांव और डोंगरगढ़ विकासखंड में नि:शुल्क कोचिंग का दिखा बेहतर परिणाम
अन्य विकासखंड में भी दिख रही है नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस की सार्थकता

राजनांदगांव 03 अगस्त 2022। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने आज 10, 12 वीं कक्षा के लिए जिले में नई पहल करते हुए चलाए जा रहे नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस में नामित व्याख्याताओं की बैठक लेकर उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों और उनकी भूमिका की सराहना की। कलेक्टर ने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने और दिशा दिखाने का काम प्राचीन काल से शिक्षक कर रहे हैं। शिक्षक अपनी सार्थकता से समाज को आईना दिखाने का काम करते हैं। शिक्षकों की भूमिका से ही बड़े परिवर्तन होते हैं। कलेक्टर ने कहा कि समाज का निर्माण और स्थापित करने में शिक्षकों की महती जिम्मेदारी होती है।

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उन्होंने आगे कहा कि जिले में कक्षा 10वीं और 12वीं के बच्चों के लिए नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस चलाया जा रहा है। इसके लिए विषय विशेषज्ञों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि आप सभी जिम्मेदारीपूर्वक निस्वार्थ भाव से कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं। बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। स्कूली शिक्षा में कक्षा 10वीं और 12वीं महत्वपूर्ण क्लास होती है। इन कक्षाओं में अच्छे अंक विद्यार्थी के आगे का भविष्य निर्धारित करता है।

उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। बोर्ड क्लास होने के कारण बच्चों में काफी दबाव रहता है। बच्चे कक्षा 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लाकर आगे का भविष्य तय करें, इसके लिए यह नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस चलाया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि आप सभी जवाबदारीपूर्वक इसका संचालन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचल के बच्चे शहरों में जाकर कोचिंग संस्थान से कोचिंग प्राप्त करने में असमर्थ होते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने और दूरस्थ अंचल से होने के चलते उनकी पढ़ाई काफी प्रभावित होता है।

नि:शुल्क कोचिंग क्लास चलाए जाने से अधिकांश बच्चे इससे जुड़ कर पढ़ाई का लाभ ले रहे हैं। जो उसके अंतिम मूल्यांकन में अच्छे अंक लाने में मदद करेगा। बैठक में कलेक्टर ने एक-एक कर सभी व्याख्याताओं से परिचय प्राप्त किया साथ ही उनका अभिवादन किया।
बैठक में कोचिंग संचालन की जानकारी लेकर उन्होंने आने वाले समय में और अच्छा प्रयास करने कहा। फीडबैक से पता चला कि अभी वर्तमान में 3 हजार बच्चे ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज से जुड़कर पढ़ाई कर रहे हैं।

राजनांदगांव और डोंगरगढ़ विकासखंड में सबसे अधिक बच्चे जुड़े हैं और यहां बच्चे नियमित रूप से क्लास ज्वाइन कर रहे हैं। शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जा रहे बारीकियों, ज्ञान, अनुभव का अनुसरण कर रहे हैं। इसके लिए कलेक्टर ने इन विकासखंड के शिक्षकों की काफी सराहना की। अन्य विकासखंड में भी अभी नि:शुल्क कोचिंग क्लास सार्थकतापूर्वक चलाया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि जिस उद्देश्य और मंशा से यह अभियान चलाया जा रहा है। उसका प्रतिफल देखने को मिल रहा है। आने वाला समय में यह निश्चित ही बच्चों के भविष्य के लिए सार्थक साबित होगा। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आरएल ठाकुर, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।