
शहीद उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा, आरक्षक कृष लाल साहू और सहायक आरक्षक सुखुराम नेताम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

राजनांदगांव, रक्षित केंद्र राजनांदगांव स्थित शहीद स्मारक पर आज उन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी थी। यह श्रद्धांजलि समारोह शहीद उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा, शहीद आरक्षक कृष लाल साहू एवं शहीद सहायक आरक्षक सुखुराम नेताम की आठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर शहीदों के परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री मोहित गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) श्री मुकेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा, थाना प्रभारी लालबाग निरीक्षक श्री रमेश साहू, रक्षित निरीक्षक श्री लोकेश कसेर समेत नक्सल सेल, रक्षित केंद्र व जिले के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने गहरी श्रद्धा के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।

नक्सली मुठभेड़ों में बलिदान हुए थे वीर जवान
दिनांक 06.08.2017 को थाना गातापार (तत्कालीन जिला राजनांदगांव) अंतर्गत घोर नक्सल प्रभावित ग्राम भावे के घोड़ापाठ पहाड़ी जंगल में माओवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा एवं शहीद आरक्षक कृष लाल साहू ने अदम्य साहस दिखाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
इस दिन पुलिस टीम माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्चिंग के लिए निकली थी। जब पुलिस पार्टी भावे से लगभग 3 किलोमीटर दूर घोड़ापाठ जंगल में पहुँची, तभी करीब 13:30 बजे नक्सलियों ने घात लगाकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल ने भी मोर्चा संभाला, लेकिन मुठभेड़ के दौरान दो जांबाज जवान वीरगति को प्राप्त हो गए।
वहीं दिनांक 03.02.2017 को ग्राम भावे के उत्तर दिशा में स्थित पहाड़ी जंगल में हुई मुठभेड़ में सहायक आरक्षक क्र.-53 सुखुराम नेताम ने शौर्य का प्रदर्शन करते हुए मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। इस मुठभेड़ में करीब 34-35 की संख्या में सशस्त्र महिला और पुरुष माओवादी शामिल थे, जो पुलिस पार्टी को देखकर आटोमैटिक हथियारों से फायरिंग करने लगे थे।

भावपूर्ण माहौल में दी गई श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अधिकारीगण एवं जवानों ने इन वीरों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन शहीदों की वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और त्याग चिरकाल तक स्मरणीय रहेगा।
राजनांदगांव पुलिस ने यह भी संदेश दिया कि शहीदों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, और उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही नक्सल उन्मूलन की दिशा में पुलिस अग्रसर रहेगी।









































