राजनांदगांव : सभी पात्र किसानों का धान खरीदा जाएगा – कलेक्टर…

  • जिले में इस वर्ष 2 लाख 12 हजार से अधिक किसान बेचेंगे अपना धान
  • किसानों को नहीं होनी चाहिए दिक्कत, किसानों की समस्याओं का संवेदनशीलता से करें निराकरण
  • अवैध धान परिवहन तथा कोचियों पर करें सख्त कार्रवाई
  • चेक पोस्ट पर कड़ी निगरानी करने के दिए निर्देश
  • किसान धान खरीदी के संबंध में टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर कर सकते शिकायत
  • कलेक्टर ने 1 दिसम्बर से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी तैयारी के संबंध में अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों की ली समीक्षा बैठक

राजनांदगांव – कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने 1 दिसम्बर से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी तैयारी की समीक्षा के संबंध में अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों की बैठक ली। कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि धान खरीदी शासन का सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। किसानों को अपना धान बेचने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी पात्र किसानों का धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें किसान टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इस वर्ष 145 धान खरीदी केन्द्रों में लगभग 80 लाख क्ंिवटल धान की खरीदी की संभावना है।

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पिछले वर्ष 1 लाख 96 हजार किसानों ने अपने धान का विक्रय किया था। इस वर्ष 2 लाख 12 हजार 615 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष किसानों की संख्या और धान की मात्रा में बढ़ोत्तरी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी धान खरीदी केन्द्रों में व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धान बेचने आए किसानों का सभी धान खरीदना है। ऐसे किसान जिन्होंने पिछले वर्ष धान विक्रय किया था और इस वर्ष धान की फसल लगाएं है। यदि त्रुटिवश साफ्टवेयर में रकबा शून्य दिखाता है तो इसे सुधार कर धान का क्रय किया जाएगा।

किसानों को इसमें दिक्कत नहीं होनी चाहिए। धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले पटवारी सोसायटी में जाकर मिलान करें। जिन किसानों का रकबा शून्य दिखा रहा है उसे जांच कर सुधार किया जाए। किसानों की समस्याओं को संवेदनशीलता और सहजता से निराकरण करना राजस्व अधिकारियों का प्रमुख कार्य है। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में बारदाना, पानी, छाया, ड्रेनेज, आद्र्रतामापी यंत्र, कांटा-बांट सहित सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि किसान पहले दिन से ही अपने बारदाने में धान का विक्रय करेंगे। उन्हें 25 प्रतिशत बारदाना लाना होगा। स्वयं के बारदाने वाले किसानों को धान खरीदी में प्राथमिकता दी जाएगी।

किसानों को 18 रूपए प्रति बारदाना की दर से भुगतान किया जाएगा। धान के भुगतान के साथ ही बारदाने की राशि भी प्राप्त होगी। किसानों द्वारा लाने वाले बारदानों का रिकार्ड रखकर एन्ट्री करें। बारदाने के लिए सुपरवाईजर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीडीएस और स्वसहायता समूह से बारदाना एकत्रित कर एन्ट्री करना सुनिश्चित करें। धान खरीदी केन्द्र में प्रारंभ से ही धान का उठाव किया जाएगा, जिससे जाम होने की स्थिति नहीं होगी। धान खरीदी के समय धान की गुणवत्ता, नमी पर विशेष ध्यान रखा जाए। धान को चबूतरे पर ड्रेनेज बनाकर स्टेकिंग कर प्रारंभ से रखा जाए। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। शिकायत मिलने पर राजस्व अधिकारी इसकी जांच करें और समस्याओं का निराकरण करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों एवं जिले से धान नहीं आना चाहिए। चेक पोस्ट और कोचियों पर कड़ाई से निगरानी रखें। अवैध धान पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई करें। सभी राजस्व अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करें।
कलेक्टर श्री सिन्हा ने समिति प्रबंधकों से कहा कि ईमानदारी पूर्वक धान की खरीदी की जाए। धान खरीदी केन्द्र में धान का समर्थन मूल्य, टोल फ्री नंबर, टोकन और खरीदी के लिए ग्रामवार दिन की सूची सहित अन्य जानकारी लगी होनी चाहिए। 29 नवम्बर से टोकन काटना प्रारंभ होगा। शासन द्वारा निर्धारित मात्रा में धान की ढेरी करके किसानों से धान की खरीदी की जाए।

पूरी व्यवस्था के साथ धान की खरीदी प्रारंभ किया जाए। धान खरीदी केन्द्र के लिए बनाई गई निगरानी समिति व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करें। बैठक में जिला खाद्य अधिकारी श्री भूपेन्द्र मिश्रा, उप संचालक कृषि श्री जीएस धु्रर्वे, महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सुनील वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, समिति प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी जुड़े रहे।