राजनांदगांव: स्वच्छता दीदी करेंगे जैविक खाद से सब्जी का उत्पादन, लोगों को मिलेगा बगैर रसायनिक व केमिकल युक्त सब्जी…

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राजनांदगांव । स्वच्छता दीदीयो के द्वारा शहर सहित वार्डो को स्वच्छ रखने के अलावा जैविक खाद से सब्जी उत्पादन की तैयारी में लगे हैं इन दिनों स्वच्छता दीदीयो की कड़ी मेहनत परिश्रम से पुरी भारत में स्वच्छ शहर,  स्वच्छ गांव व सुंदर नगर की पहचान बनने जा रहे हैं इसके लिए स्वच्छता दीदियों की बहुत बड़ी भूमिका अदा कर रही है इसी कारण आज जगह-जगह स्वच्छता दीदियों सम्मान समाजसेवी मोहल्ला वासी स्वयं सहायता समूह भी कर रहे हैं।

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  राजनांदगांव नगर पालिका निगम आयुक्त के मार्गदर्शन व मिशन क्लीन सिटी के निर्देश डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाले दीदियों को अपने मूल कार्य के साथ जैविक खाद से सब्जी उत्पादन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं क्योंकि जैविक खाद   स्वच्छता दीदी लोग निर्माण करते हैं तथा जैविक खाद निर्माण में किसी प्रकार रासायनिक केमिकल दवाई का उपयोग नहीं किया जाता है गीले कचरे से जैविक खाद स्वच्छ भारत मिशन के गाइडलाइन के द्वारा सभी सेंटरों में जैविक खाद का भी निर्माण स्वच्छता दीदी लोग कर रहे हैं तथा यही जैविक खाद से आज वन विभाग , किसानों, कृषि फार्म वालों जैविक खाद का उपयोग करना भी प्रारंभ कर दिए हैं इसलिए नगर पालिका निगम मार्गदर्शन व मिशन क्लीन सिटी की सहयोग से स्वच्छता दीदियों भी अपनी कड़ी मेहनत करते हुए डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व जैविक खाद निर्माण करते हुए आज सभी एस एल आर एम सेंटरों में जैविक खाद से सब्जी उत्पादन करने की तैयारी कर रहे हैं ।

इन स्वच्छता दीदियों की मेहनत से स्वयं के लिए उत्पादन सब्जी जैसे भिंडी, बरबटी, करेला,  मूली, पालक भाजी, चौलाई भाजी, मेथी, धनिया, मिर्ची, गवारफली व भटा आदि सब्जी उत्पादन करने के लिए स्वच्छता दीदी लोग बहुत अच्छा मेहनत कर रहे हैं श्रीमती सरस्वती वर्मा एसएलआरएम सेंटर मोतीपुर के सुपरवाइजर ने बतलाया स्वच्छता दीदीयो जो स्वयं की मेहनत करके सब्जी उत्पादन कर रहे हैं व स्वयं उपयोग के लिए तैयार कर रहे हैं क्योंकि स्वच्छता दीदीयो को भी बिना रसायनिक केमिकल सब्जी से मुक्ति मिल जाएंगे और वे स्वयं की जैविक खाद से तैयार हुए सब्जी का उपयोग करेंगे यही उद्देश्य पालिका निगम आयुक्त व मिशन क्लीन सिटी के सहयोग से स्वच्छता दीदी लोग मेहनत कर रहे हैं स्वच्छता दीदी लोग अपने मूल कार्य के साथ पर्यावरण में भी विशेष ध्यान दे रहे हैं।

सेंटरों के आसपास गुलमोहर, नीम, आम, जाम, कटहर, आंवला सहित  विभिन्न प्रकार के फूलों का पौधा लगाए हुए हैं  सेंटर की आस पास पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए   आज शहर के सभी एस एल आर एम सेंटर को कचरे घर समझते थे आज वह कचरा घर नहीं रहा आज सेंटर को देखने आते हैं जो कचरे से पैसे कमाने का बेहतर व्यवस्था देख रहे है एक कहावत है कचरे से सोना बनाता हुए आज देखने को मिल रहे हैं क्योंकि कचरे का हर प्रकार के छठी रीसायकल हो जाते हैं और वह कचरा अपने अपने सिस्टम में  इकट्ठा होकर हुए कबाड़ी के रूप में बिक्री हो जाता है तथा गीले कचरे से जैविक खाद निर्माण में लाया जाता है ।

इसके साथ समय निकाल कर स्वच्छता दीदी लोग भी सेंटर के आसपास खाली जगह में अपने परिसर के अंदर स्वयं उपयोग के लिए हरा सब्जी का भी उत्पादन करने की तैयारी कर रहे हैं राजनांदगांव शहर के लिए गर्व की बात है आज इन्हीं स्वच्छता दीदीयो की बदौलत राजनांदगांव शहर स्वच्छ सुंदर मॉडल से के रूप में विकसित हो रहे हैं।

आयुक्त चंद्रकांत कौशिक की मेहनत से होना संभव हुआ है क्योंकि कोई भी अधिकारी आने वाले समय के लिए सोचते हैं इसी प्रकार कौशिक भी भविष्य आने वाले पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण में बहुत अच्छा प्रकाश किए हैं इसका रिजल्ट आने वाले पीढ़ी को देखने को मिलेंगे इसी प्रकार शहर के सभी सेंटरों में जहां जगह है उसी सेंटरों में स्वयं की सब्जी उत्पादन करने के लिए स्वच्छता दीदी लोग भी विभिन्न प्रकार के सब्जियों के उत्पादन के तैयारी कर रहे हैं ।