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नोएडा के DM सुहास एलवाई बने पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले IAS अधिकारी…

नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट सुहास एलवाई टोक्यो 2020 पैरालिंपिक खेलों में बैडमिंटन का पदक जीतने वाले पहले IAS अधिकारी बन गये हैं. 38 वर्षीय सुहास एलवाई ने 05 सितंबर, 2021 को पुरुष एकल SL4 वर्ग में भारत के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है. यातिराज शीर्ष वरीयता प्राप्त और फ्रांस के विश्व चैंपियन लुकास मजूर के बाद दूसरे स्थान पर रहे. सुहास के एक टखने में खराबी है.

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सुहास फाइनल में लुकास मजूर के खिलाफ 21-15, 17-21, 15-21 से दूसरे स्थान पर रहे. सुहास, जो वर्तमान में SL4 श्रेणी में विश्व नंबर 03 पर हैं, ने 62 मिनट के शिखर संघर्ष में अगले दो सेटों में मजूर से हारने से पहले अपना पहला सेट जीता था.

पैरालंपिक खेलों में बैडमिंटन में रजत पदक जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुहास को बधाई दी है.

फ्रांस के लुकास मजूर वर्तमान में विश्व के नंबर 01 पैरालंपिक बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने टोक्यो 2020 पैरालिंपिक खेलों में बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीता है.

कौन हैं सुहास एलवाई?

सुहास लालिनाकेरे यतिराज उत्तर प्रदेश कैडर के वर्ष, 2007 बैच के भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (IAS) हैं. यतिराज वर्तमान में वर्ष, 2020 से गौतम बौद्ध नगर (नोएडा) के जिला मजिस्ट्रेट (DM) के रूप में कार्यरत हैं. वे प्रयागराज के DM भी रह चुके हैं.

सुहास एक भारतीय पैरालंपिक बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जो SL4 श्रेणी में विश्व नंबर 03 पर हैं. उन्होंने 05 सितंबर, 2021 को टोक्यो 2020 पैरालिंपिक खेलों में फ्रांस के विश्व नंबर 01 खिलाडी लुकास मजूर के खिलाफ पुरुष एकल SL4 श्रेणी में बैडमिंटन में रजत पदक जीता है.

वर्ष, 2017 में सुहास ने पुरुष एकल में BWF तुर्की पैरा-बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते थे. वर्ष, 2018 में उन्होंने एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक जीता था. वर्ष, 2016 में उन्होंने बीजिंग में एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था.

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