बिलासपुर : जेलो में बंद 10 हजार कैदियों को पैरोल पर छोड़ने की अनुशंसा…

बिलासपुर । सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर राज्य शासन द्वारा बनाई गई हाई पावर कमेटी ने प्रदेश के जेलो में बंद 10 हजार कैदियों को पैरोल पर छोड़ने की अनुशंसा कर दी है। उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा के बाद जिलेवार कैदियों की सूची बनाई जा रही है। जानकारी के अनुसार कल शुक्रवार से जेलों से रिहाई शुरू हो जाएगी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी राज्यों के विधिक सेवा प्राधिकरण को दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी कर दिया था ।

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कोरोना की खतरनाक होती दूसरी लहर के कारण संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। संक्रमितों के साथ ही मौत का आंकड़ा भी बढ़ते ही जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य शासन के विधि विधायी विभाग को आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करने कहा था।

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य शासन ने उच्च स्तरीय कमेटी को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की बात कही थी। उच्च स्तरीय समिति ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के विभिन्न् जेलों में बंद कैदियों को पैरोल पर छोड़ने की अनुशंसा की है। तय मापदंड व दिशा निर्देशों के अनुसार ही कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जाएगा। बताया गया कि रिहाई सशर्त होगी। इसके पहले जमानत की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके अलावा संबंधित थाने में भी अपनी उपस्थिति की जानकारी देनी होगी। कोरोना संक्रमण के दौरान घरों पर ही रहना होगा।

विभिन्न् अपराध के तहत जिन कैदियों को सात वर्ष की सजा हुई है और जो 15 दिन या इससे अवधि से जेल में बंद है। विभिन्न् अपराध के तहत 10 वर्ष की सजा भुगत रहे ऐसे कैदी जिनकी आयु 60 वर्ष या इससे अधिक की है । भादवि की धारा 307 व 304 के तहत अपराध में सजा काट रहे हैं जो बीते छह महीने से जेल में बंद है।

उच्च स्तरीय कमेटी ने नारकोटिक्स एक्ट, एनआइए कोर्ट से सजा व आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरों द्वारा दर्ज मामलों में सजा काट रहे कैदियों को पैरोल पर ना छोड़ने की अनुशंसा की है। लिहाजा इन कैदियों की रिहाई नहीं होगी।