
राजनांदगांव। जिले को नया कलेक्टर मिल गया है। सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के स्थान पर अब जितेंद्र यादव राजनांदगांव के नए कलेक्टर होंगे। प्रशासनिक फेरबदल के तहत राज्य सरकार ने यह नियुक्ति की है। नए कलेक्टर के रूप में जितेंद्र यादव से जिले के विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

आईएएस जितेंद्र यादव छत्तीसगढ़ कैडर के 2019 बैच के आईएएस हैं। वे मूलतः हरियाणा के रहने वाले हैं। छोटे से गांव से स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले जितेंद्र यादव आईएएस बनने से पहले आईपीएस रह चुके हैं।
आईएएस जितेंद्र यादव छत्तीसगढ़ कैडर के 2019 बैच के आईएएस है। वे मूलतः हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रहने वाले है। इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने यूपीएससी दिलाई। पहले आईपीएस के लिए सलेक्ट हुए और और ट्रेनिंग में रहने के दौरान फिर से अगला प्रयास कर आईएएस बनें। आइए जानते हैं उनके बारे में…
जन्म और परिवार:–
छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस जितेंद्र यादव हरियाणा राज्य के रेवाड़ी जिले के करनवासा गांव के रहने वाले है। उनका जन्म 5 अगस्त 1990 को हुआ है। उनके पिता सुरेंद्र सिंह यादव एयर फोर्स से रिटायर होने के बाद बिजली निगम में भी कार्यरत थे। उनकी माता श्रीमती संतोष देवी गृहणी हैं। जितेंद्र से बड़ी एक बहन है। अपने माता-पिता की दो संतानों में से जितेंद्र छोटे संतान है।
शिक्षा:-
जितेंद्र यादव ने अपने गांव के शासकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनवासा से दसवीं तक की परीक्षा उत्तीर्ण की। फिर ढोहकी स्थित यदुवंशी स्कूल से 12 वीं गणित विषय से उत्तीर्ण की। फिर एआईईईई एग्जाम क्रैक कर एनआईटी कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच में इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया। 2013 में इंजीनियरिंग पास आउट करने के बाद जितेंद्र का चयन एएसओ के तौर पर हो गया।। उन्होंने 6 माह तक मिनिस्ट्री आफ माइनॉरिटी में भी काम किया। फिर यूपीएससी की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ पढ़ाई में जुट गए।
यूपीएससी में चयन:-
राजनीति शास्त्र और अंतरराष्ट्रीय संबंध उनका यूपीएससी के लिए वैकल्पिक विषय था। यूपीएससी के पहले ही प्रयास में जितेंद्र यादव कठोर मेहनत के बलबूते पर साक्षात्कार तक पहुंच गए। पर अंतिम चयन से चूक गए। 2016 में यूपीएससी के दूसरे प्रयास में जितेंद्र प्री,मेंस व इंटरव्यू निकालते हुए 622 वीं रैंक के साथ आईपीएस के लिए चुने गए। उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर और 2017 आईपीएस का बैच मिला। आईपीएस की ट्रेनिंग करते हुए उन्होंने फिर से यूपीएससी की तैयारी की और अपना तीसरा अटेम्प्ट देते हुए यूपीएससी 2018 में 403 वीं रैंक के साथ आईएएस के लिए चुन लिए गए।









































