
नागरिकों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, यातायात नियम और नशा मुक्ति के प्रति किया जा रहा जागरूक


राजनांदगांव, 07 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराध, महिला संबंधी अपराध, यातायात नियमों और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।
पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में यह अभियान निरंतर चल रहा है। इसके तहत थाना डोंगरगढ़, डोंगरगांव, घुमका, छुरिया, बोरतलाव, बागनदी, गैंदाटोला एवं यातायात पुलिस द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर आमजन व विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया जा रहा है।
विभिन्न थानों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
थाना डोंगरगांव पुलिस द्वारा एसडीओपी डोंगरगांव श्री दिलीप सिसोदिया की उपस्थिति में ग्राम गोडलवाही के स्कूली बच्चों को साइबर अपराध एवं महिला सुरक्षा के विषय में जानकारी दी गई।
इसी प्रकार थाना डोंगरगढ़ एवं बोरतलाव पुलिस ने एसडीओपी डोंगरगढ़ श्री आशिष कुंजाम की मौजूदगी में ग्राम अंडी के ग्रामीणों और ग्राम सेंदरी के स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव, यातायात नियमों और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
थाना छुरिया पुलिस ने साप्ताहिक बाजार छुरिया में आमजन को जागरूक किया, वहीं घुमका पुलिस ने ग्राम बिजेतला में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। यातायात पुलिस द्वारा ठाकुर प्यारेलाल स्कूल और यातायात शाखा परिसर में ऑटो चालकों व विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
साइबर सुरक्षा और महिला सम्मान पर विशेष जोर
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों को ऑनलाइन ठगी, फेक प्रोफाइल, और साइबर धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए।
नागरिकों को निर्देश दिया गया कि यदि कभी ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर अपराध का शिकार हों, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाना में सूचना दें।
साथ ही, पुलिस द्वारा घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के प्रति अपराधों को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाई गई। यातायात नियमों का पालन करने और नशे से दूर रहने की अपील भी की गई।
अभियान रहेगा लगातार जारी
पुलिस विभाग का यह जन-जागरूकता अभियान जिले के सभी थानों में चरणबद्ध रूप से जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य समाज में सुरक्षा, संयम और जागरूकता की भावना को मजबूत करना है ताकि नागरिक न केवल सुरक्षित रहें बल्कि दूसरों को भी सुरक्षा के प्रति प्रेरित करें।









































