
राजनांदगांव: शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा ग्राम घोरदा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस के बौद्धिक सत्र में ‘कैरियर गाइडेंस’ और ‘सामाजिक उत्तरदायित्व’ विषयों पर गहन चर्चा की गई। इस सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में दिग्विजय महाविद्यालय के डॉ. संजय ठिसके (प्रोफेसर, प्राणी शास्त्र), प्रो. गुरप्रीत सिंह भाटिया (प्राणी शास्त्र) एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक व रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एस.आर. कन्नौजे उपस्थित रहे।

बौद्धिक सत्र के मुख्य बिंदु:
कैरियर और कौशल विकास: डॉ. संजय ठिसके ने स्वयंसेवकों को अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ अन्य पाठ्येतर गतिविधियों में सक्रिय रहने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से दिग्विजय महाविद्यालय के माध्यम से होने वाले बाल्को (BALCO) चयन प्रक्रिया और कैरियर गाइडेंस के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने वर्तमान समय में सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचने और इसके सतर्क उपयोग पर बल दिया।
प्रतियोगी परीक्षा और लक्ष्य निर्धारण: प्रो. गुरप्रीत सिंह भाटिया ने स्वयंसेवकों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए दृढ़ निर्णय और उन पर अमल करना आवश्यक है। उन्होंने सलाह दी कि विद्यार्थी जीवन में लक्ष्य से भटकाने वाले संसाधनों से दूरी बनाकर ही उच्च उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सकता है।
नशा मुक्त समाज और स्वयंसेवक की भूमिका: डॉ. एस.आर. कन्नौजे ने शिविर के मुख्य विषय “नशा मुक्त समाज के लिए युवा” को विस्तार से वर्णित किया। उन्होंने एनएसएस की गतिविधियों और उद्देश्यों को साझा करते हुए बताया कि एक जागरूक स्वयंसेवक किस प्रकार समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाने का वाहक बन सकता है।
शिविर संचालन:
बौद्धिक सत्र का सफल संचालन शिविर नायक शिवम यादव एवं शिविर नायिका टिकेश्वरी देवांगन द्वारा किया गया। यह संपूर्ण कार्यक्रम कार्यक्रम अधिकारी प्रो. संजय सप्तर्षि एवं प्रो. करुणा रावटे के कुशल नेतृत्व में संपन्न हो रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान किया और मार्गदर्शन प्राप्त किया।









































