
राजनांदगांव। समीपस्थ ग्राम पंचायत ककरेल के ग्रामीणों ने पंचायत द्वारा शौचालय, पंचायत भवन, पचरी आदि निर्माण में बिना गुणवत्ता का ख्याल रखे पांच छह लाख रूपये का गबन करने की शिकायत करते हुए जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा और दोषी पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।
ग्राम के मोहित कुमार साहू, मालती साहू ने बताया कि पंचायत में जिन लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास की पहली सूची में थे, उन्हें अब तक आवास स्वीकृत नहीं किया गया है। इसी तरह अभी तक उज्जवला योजना की कई हितग्राहियों को गैस कनेक्शन नहीं दिया गया। है। पंचायत में प्रस्ताव पास किया गया कि जिन लोगों के शौचालय छूटे हैं, उनका निर्माण कराया जाएगा, लेकिन आज पर्यंत बचे हुए एक भी शौचालय काbनिर्माण नहीं किया गया है।
जो शौचालय बनाए गए हैं, उनमें भी गुणवत्ता दरकिनार कर दी गई। जमीन में पर्याप्त गड्डा नहीं किया गया और ऊपर शौचालय खड़ा कर दिया गया। इसी तरह तालाब में पचरी निर्माण के नाम चार लाख रूपये आहरित कर लिया गया, और पचरी बनाई ही नहीं गई । पंचायत प्रतिनिधियों ने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की है। इसी तरह जो ग्रामीण वहां पर पिछले 20-25 सालों से रह रहे हैं, उन्हें -अब तक आबादी पट्टा नहीं दिया गया है,
जबकि कुछ लोगों ने पंचायत प्रतिनिधियों को रूपये दिए उन्हें पंचायत में प्रस्ताव पास कराकर आनन फानन में पट्टा जारी कर दिया गया है। पूर्व में सरपंच द्वारा राशि लेकर अपात्र लोगों को फर्जी पट्टा जारी कर दिया गया था, जिसे अब पंचायत मान्य नहीं कर रही है, जबकि कई वर्षों से निवासी इन आवासों का टैक्स जमा कर रहे हैं।
इसी तरह प्लास्टिक कंपनी को बिना ग्राम सभा के पंचायत प्रतिनिधियों ने लेन देन कर एनओसी जारी कर दिया। इसके लिए ग्राम में मुनादी भी नहीं कराई गई। पंचायत से एनओसी के बारे में पूछने पर निराकरण भी नहीं किया जा रहा है। श्री साहू ने जिलाधीश से उक्त शिकायतों की जांच कराकर दोषी पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।









































