राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिलादण्डाधिकारी टी के वर्मा ने जारी एक आदेश में कहा है कि कोई भी शासकीय / निजी अस्पताल के चिकित्सालयों द्वारा मरीज अथवा उनके परिजनों को कोई भी औषधि के लिए पर्ची अथवा बाहर से औषधी लाने के लिए बाध्य नहीं करेंगे एवं ऐसी शिकायत पाये जाने पर विधि सम्मत कार्यवाही की जावेगी । अतः शासकीय निजी अस्पताल प्रबंधन संबंधित से आपसी समन्वय की व्यवस्था करें ।
कलेक्टर श्री वर्मा ने जारी एक आदेश में कहा है कि कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज हेतु इजेक्शन रेमडेसिविर व अन्य जीवन रक्षक औषधियों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में स्थानीय प्रशासन द्वारा शासकीय निजी अस्पतालों को कोविड- 19 मरीजों के इलाज की अनुमति प्रदान की गई है।
लेकिन देखा जा रहा है कि भर्ती मरीजों के परिजनों को चिकित्सालय में औषधी उपलब्ध नहीं होने पर चिकित्सक पर्ची में दवाई लिखकर बाहर से लाने हेतु सलाह दे रहे हैं, जिसकी वजह से मरीज के परिजन अनावश्यक रूप से औषधी के आभाव में भटक रहे हैं। उन्होंने शासकीय, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम में कोविड से संक्रमित मरीजों के लिए आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों के उपलब्धता एवं आवश्यकता हेतु अस्पताल संचालक से समन्वय कर भर्ती मरीज हेतु आवश्यक दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कर रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता के पश्चात सीएमएचओ द्वारा अपने स्तर पर शासकीय कोविड-19 अस्पतालों, स्वास्थ्य केन्द्रों में इंजेक्शन रेमडेसिविर एवं अन्य जीवन रक्षक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें तथा अस्पताल अधीक्षक सह संयुक्त संचालक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबंद्ध चिकित्सालय राजनांदगांव द्वारा अपने स्तर पर कोविड अस्पताल पेंड्री में इंजेक्शन रेमडेसिविर व अन्य जीवन रक्षक औषधी की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इंजेक्शन रेमडेसिविर का क्रय विक्रय कोविड- 19 अस्पताल द्वारा मेडिकल एजेंसी से लेकर अस्पताल के कोविड – 19 मरीजों को किया जावेगा ।