राजनांदगांव: किसान अपनी मेहनत की कमाई धान बेचने के लिए भटक रहे है – रविंद्र रामटेके…

राजनांदगांव- किसान की दुख पीड़ा उनकी हर मूलभूत सुविधा चुनावी मुद्दा घोषणा पत्र में देने के बाद झूठे वादे खोखले इरादे कांग्रेश सरकार कुर्सी हथियाने के बाद किसानों की दुख पीड़ा मूलभूत सुविधा को दरकिनार करते हुए सरकार अपने आप में मस्त और किसान त्रस्त हैं।

भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला महामंत्री रविंद्र रामटेके ने राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए बदलाया कि चुनाव के वक्त किसानों को गुमराह करते हुए किसानों की एक-एक दाना धान खरीदने व किसानों की मूलभूत सुविधा को गंभीरता से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक किसानों को कृषि में उन्नति कृषकों के रूप में बनाने के लिए कांग्रेश की सरकार हर कदम पर किसानों के साथ देने की बात कहे थे । किंतु आज छत्तीसगढ़ में किसानों की बहुत बुरी हालात परिस्थिति है जो कहीं अन्य राज्य में देखने व सुनने को नहीं मिल रहे हैं। श्री रामटेके ने आगे बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में बदले की भावना की राजनीतिक कर रहे हैं ।

इसलिए अपने चुनावी घोषणा पत्र और मुद्दा को भूल कर छत्तीसगढ़ के अधिकारी कर्मचारियों के साथ किसानों की एक भी समस्या सुनने को तैयार नहीं है इसका खामियां आगामी विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ वासियों जवाब देंगे क्योंकि धान खरीदी के नाम पर केंद्र सरकार में बैठे प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र दामोदर मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी सरकार को बिना भेदभाव किए करोड़ों रुपए दिए हैं । किंतु करोड़ों रुपए का सही हिसाब और उपयोग करते तो छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी, बारदाना व परिवहन जैसे कोई समस्या नहीं आती । लेकिन राज्य सरकार जानबूझकर केंद्र सरकार को बदनाम करने की नीयत और नीति से किसानों की एक-एक दाना धान खरीदने में अक्षम साबित हो रहे हैं और आधा अधूरा धान खरीदी करके सोसायटीओ में रखे हुए हैं। उसको भी उठाने के लिए परिवहन की व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं करने से किसानों की खरीदी हुए धान को बिना कोई सुरक्षा सेफ्टी के ही खुले में रखे हुए हैं ।

अगर कोई बेमौसम बारिश हो जाए तो अरबों रुपए की धान खरीदी पूर्ण रूप से खराब हो जाएंगे इसके लिए भी राज्य सरकार जिम्मेदार है । उन्होंने छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक धान उपज के लिए छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है वास्तव में छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है किंतु जिसके बदौलत धान का कटोरा छत्तीसगढ़ को कहा जाता है उन किसान भाइयों का दुख, दर्द व पीड़ा समझने वाला कांग्रेसी सरकार नहीं है । इसलिए छत्तीसगढ़ के भोले भाले किसान अब आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेसी सरकार को मुंहतोड़ जवाब देते हुए पुनः भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के लिए अपना अमूल्य वोट जरूर देंगे।