राजनांदगांव- 28 अगस्त 2020। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक श्री दाउलूरी श्रवण ने जिला पंचायत सभाकक्ष में कोविड-19 की रोकथाम के संबंध में सामाजिक संस्था, व्यापारिक संगठन और धार्मिक संगठन के प्रतिनिधियों से चर्चा की। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए लोगों में लापरवाही की प्रवृति को दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी संस्थाएं समन्वित तरीके से नगर निगम के सहयोग से कार्य करें। सभी व्यापारी ग्राहकों को मास्क लगाने पर ही समान देना सुनिश्चित करें। सब्जी एवं फल लगाने व्यवसायी को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। जिस क्षेत्र में कोरोना के मरीज ज्यादा मिलेंगे वह क्षेत्र कंटेंटमेंट जोन घोषित किया जाएगा और वहां इसका कड़ाई से पालन किया जाएगा। केस पॉजिटिव आने पर घर के लोगों को प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक श्री दाउलूरी श्रवण ने कहा कि मास्क पहनना एवं प्रोटोकाल का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है और इस कार्य में सबका योगदान जरूरी है। जागरूकता के लिए सब मिलकर कार्य करे उतना ही अच्छा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि कोविड-19 के बढ़ते हुए केस से स्थिति गंभीर है। मार्च में जहां कोरोना का एक केस था, वही अभी बढ़कर 1792 हो गया है। राजनांदगांव प्रदेश में कोरोना पाजीटिव मरीजों के मामले में तीसरे स्थान पर है। मृत्यु दर भी बढ़ा है। कोरोना के मरीजों की संख्या बढऩे एवं गंभीर केस होने पर स्थिति चुनौती पूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सभी को सजग एवं संवेदनशील होकर अपने परिवार एवं समाज के लिए सोचने की आवश्यकता है एवं कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है।
विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिनिधियों ने कहा कि मास्क न पहनने वालों पर पुलिस की कार्रवाई होती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों में कोविड-19 की रोकथाम एवं जागरूकता के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़़ाने के लिए सभी को जागरूक करने की जरूरत है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त श्री चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम श्री मुकेश रावटे सहित चैम्बर ऑफ कामर्स एवं अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।