
राजनांदगांव – सांसद संतोष पांडे ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि माननीय सिंहदेव द्वारा चार पेज की व्यथा के बखान से मेरी सोच पूरी तरह बदल दी है | वास्तव में वे संवेदनहीन नहीं वरन अति संवेदनशील मंत्री है, जिन्होंने देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी की सोच को धरती पर उतारने और क्रियान्वयन के लिए अकेले संघर्षरत हैं | केन्द्रीय पंचायत मंत्री के प्रवास में सामने आई खामी जिसमे प्रधानमंत्री आवास के राज्यांश को षड्यंत्र पूर्वक रोकने और रोजगार गारंटी के अधिकारी कर्मचारियों के हड़ताल को जान बुझ कर लम्बा खिंचवा कर मुख्यमंत्री ने गरीबो के साथ मजाक किया है,
वही व्यथा उनके पत्र में उजागर हो रही है| सही मायनों में उन्हें मजदूर, किसानों के आवास, मजदूरी और जीवन स्तर सुधारने और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की चिंता है| सांसद ने आगे कहा कि माननीय मंत्री जी का पत्र यह बताता है कि सरकार में किस प्रकार तानाशाही और मंत्रियो की उपेक्षा की जा रही है| अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायकगण श्री रामपुकार सिंह, श्री धनेन्द्र साहू, श्री सत्यनारायण शर्मा, श्री अमितेश शुक्ला के दिल पर क्या गुजर रही है|
उनकी छाती पर मुंग दलने की व्यवस्था मुख्यमंत्री बनने के दिन से की गई है| जिस प्रकार पंचायत मंत्री के रहते सिंहदेव जी को ग्रामीण, गरीबों की चिंता थी उसी प्रकार अब सिर्फ स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते प्रदेश की बदहाल और बीमार चिकित्सा व्यवस्था को सुधारेंगे| जिनमें राजनांदगांव में संचालित मेडिकल कॉलेज में संसाधनों जैसे विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सा उपकरण, जैसे एमआरआई, डायलिसिस मशीन उपलब्ध कराएंगे | सांसद ने उन्हें सच्चा क्षत्रिय बताते हुए कौरव सेना के अन्याय के विरुद्ध शस्त्र उठाने वाला बताते हुए संघर्ष करने को कहा है जिसमें वे उनके साथ हैं |









































