
–छात्रहित में पार्षद ऋषि शास्त्री और नेता राजा यादव ने कुल सचिव से मांगा इस्तिफा।
राजनांदगांव – प्रदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है जहाँ दुर्ग विश्वद्यिालय की प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण की ओर है जहाँ कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय के अग्रणी महाविद्यालय में कुशा भाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय की कक्षाए भी स्वा वृत्तीय के माध्यम से संचालित हो रही है। जहाँ की सेमेस्टर प्रक्रिया से विद्यार्थी स्नातक की पढाई कर रहें है।
उक्त विश्वविद्यालय द्वारा अब तक अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित हेतु सूचना जारी नही किया गया है साथ ही दी गई पांचवे सेमेस्टर की परीक्षा के परिणामों के मूलप्रति अब तक जारी नही की गई है। इस विषय को लेकर करके दिग्विजय महाविद्यालय जनभागीदारी सदस्यों ने प्रचार्य को उपरोक्त विषयों पर विश्वविद्यालय को पत्र लिखे जाने सहित समस्या को अवगत कराते हुए समाधान करने के लिए कहा गया था । जिस पर प्रचार्य ने पत्रकारिता विश्वविद्यालय को पत्राचार के माध्यम से सूचना प्रदान की थी वर्तमान में यह समस्या पत्रकारिता विश्वविद्यालय से जुडे सभी महाविद्यालयों में हो रही है।
जिसके संबंध में आज भूतपुर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषि शास्त्री व नेता राजा यादव ने पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों से मुलाकात की साथ ही उनकी समस्यायों को ध्यान में रखते हुए अव्यवस्था से जुझ रहे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुल सचिव को पत्र लिखकर उनका ईस्तिफा मांगा साथ ही शासन प्रशासन पर प्रश्र न उठे उसके पूर्व में ही समस्या का निदान हो सके इसलिए मुख्यमंत्री सहित उच्च शिक्षामंत्री को उक्त पत्र प्रेषित किया गया।

हाल ही में कुछ तथा क थित छात्र नेताओं के द्वारा विद्यार्थिओं को भ्रमित जानकारी देते हुए कालेज का महोल खराब करने का प्रयास किया गया था महाविद्यालय का अनुशासन बिगडे न जिसका भी ख्याल रखा जाना उचित होता है इस संबंध में प्रचार से मुलाकात करते हुुए कार्यवाही जानी तो यह जानकारी प्राप्त हुई कि विद्यार्थिओं द्वारा प्रचार्य को पत्र लिख करके गलती हो जाने की सूचना देते हुए माफी नामा पत्र सौपेे जाने का जानकारी प्राप्त हुआ है।
इस संबंध में एनएसयूआई के नेता राजा यादव ने कडे शब्दो में कहा है कि किसी भी वीर सवाकर के अनुयायियों की गुण्डागर्दी और अनुशासन हिंता विद्यार्थिओं की आड में नही चलेगी शिक्षा के मंदिर का अपमान असोभनी है अगली बार अन्यथा कडी कार्यवाही की बाध्य होंगे।









































