
राजनांदगांव – पिरामल फाउंडेशन के द्वारा “विश्व पर्यावरण दिवस” अवसर पर “ओनली वन अर्थ थीम” के अंतर्गत “मैं हूँ पर्यावरण सरंक्षक” अभियान की शुरुवात लाईवलिहुड कॉलेज, सांकरा (सोमनी) राजनांदगाव से की गयी। कार्यक्रम की शुरुवात देवेंद्र कुमार(सहायक परियोजना अधिकारी-DPIC) के द्वारा वृक्ष लगा कर की गयी और उन्होंने कहा की मानव होने के नाते पर्यावरण को बचाना हमारा कर्तव्य है और यह प्रत्येक मानव की यह जिम्मेदारी भी है इसलिए हम सब को एक होकर इस धरती को बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे। कॉलेज के परिसर मे छात्र/छात्राओ के द्वारा छायादार और फलदार वृक्षो का वृक्षारोपण किया गया. जिसमे सभी लोगो ने वृक्ष लगा कर, उस पर एक लाल रंग (कलावा) के धागा को बांधा और उसके सरंक्षण के लिए स्वयं जिम्मेदारी ली। साथ ही हैशटैग #”मैं हूँ पर्यावरण संरक्षक” के साथ फोटो/सेल्फी भी ली।

इस अभियान के अंतर्गत पिरामल फाउंडेशन के हेमन्त कुमार वर्मा(प्रोग्राम लीड) ने बताया विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य मे आज से “मैं हूँ पर्यावरण संरक्षक” अभियान शुरू हो गया है। यह पांच दिवसीय अभियान जो कि 05 जून 2022 तक चलेगा और इसमें बिभिन्न प्रकार कि गतिविधि भी कि जाएगी साथ ही कहा कि प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अवश्य लगाए और उसका सरंक्षण या गोद लेने की जिम्मेदारी लेकर देखभाल करे ताकि हम सब मिलकर इस धरती और पर्यावरण को बचाने मे प्रयास कर सके। गाँधी फेलो निधि निरला ने विश्व पर्यावरण दिवस का अभियान का महत्व को बताते हुए कहा की हमें पर्यावरण की सुरक्षा स्वयं के घर से करना है।

जैसे की अपने घर को कैसे साफ-स्वच्छ रखे,गीला-सूखा कचड़ा को अलग-2 रखे, पानी का सदुपयोग करे, नाली के पास केला और अन्य पोषक तत्व वाले पौधों(किचन गार्डन )को लगाए साथ ही एक पेड़ लगा कर,रक्षा करने की जिम्मेदारी ले जिससे हम अपने आने वाले पीढ़ी को जल वायु और हरित जंगल व जमीन दे सके। इस मौके पर छात्र/छात्राओं के साथ विस्तार से चर्चा भी की और सभी लोगो से अपील की इस अभियान का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करे इस अवसर पर राकेश देवांगन,रितु देवांगन,विकास यादव, दिव्या के साथ 20 छात्र/छात्राये और कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे है।









































