राजनांदगांव: प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे 145 आवासो से होगी वसूली…

राजनांदगांव 25 मार्च। प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के बीएलसी के पात्र हितग्राही जिन्होने किस्त की राषि लेने के उपरांत भी अपने आवास निर्माण कार्य को आगामी स्तर तक नही पहुॅचाए है उनपर अब प्रषासन देय राषि वसूलने की कार्यवाही कर रही है। नगर पालिक निगम राजनांदगांव में योजना अंतर्गत बी.एल.सी. के तहत 7956 आवासो कि स्वीकृति प्राप्त हुई थी। उस स्वीकृति के विरूद्ध 7778 पूर्ण एवं 178 आवास अलग अलग स्तरो पर षहर के विभिन्न वार्डो में निर्माणाधीन है। इन्ही निर्माणाधीन आवासो में से 145 आवास पिछले चार वर्शो से अपने निर्माण की गती को आगे नही बढ़ाने के कारण निकाय की प्रगति धुमिल भी हो रही है।


राषि लेकर आवास निर्माण कार्य नही करने वाले हितग्राहियो पर अब प्रषासन ने अपना षिकंजा कसना षुरू कर दिया है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देष पर निगम आयुक्त श्री अतुल विष्वकर्मा ने विभागीय प्रक्रिया कराकर आवास निर्माण की गति को आगे नही बढ़ाने वाले हितग्राहियो से राषि वसूलने या निर्माण काम मे गति लाने उन्हे नोटिस जारी कर तहसील कार्यालय में उपस्थित होने 145 हितग्राहियो से कहा गया। जिस पर 17 हितग्राही तहसील कार्यालय में उपस्थित हुए। जहॉ एस.डी.एम. श्री गौतम चंद पाटिल ने कल दिनांक 24 मार्च 2026 दिन मंगलवार को अपने कार्यालय में योजना का लाभ लेकर लापरवाही बरतने वाले, षासकीय धन का दुरूपयोग करने वाले 17 हितग्राहियो की विषेश पेषी ली और दो टूक षब्दो में उन्हे चेतावनी दी कि आवास निर्माण कार्य में गति लावे या राषि निगम कोश मंे जमा करे। यदि राषि अन्य कार्यो में खर्च किया तो कडाई से वसूली की जावेगी और संपत्ति की नीलाम की जायेगी।


पेषी के दौरान यह बात सामने आई की बहुत से हितग्राहियो ने प्रथम किस्त की राषि प्राप्त तो कर ली, लेकिन अपने आवास निर्माण कार्य को आगे नही बढ़ा कर अन्य निजी कार्यो में खर्च कर दिया। एसडीएम ने इसे षासकीय राषि का दुरूपयोग मानते हुए सख्त निर्देष दिए है कि दिनांक 10 अपै्रल 2026 तक अगर आवास निर्माण स्तर आगे नही बढ़ाते तो इनके विरूद्ध कानुनी कार्यवाही करने कि बात पेषी के दौरान संबंधित हितग्राहियो से की गयी।


आयुक्त श्री अतुल विष्वकर्मा ने जानकारी दी कि योजना का उद्देष्य निकाय के सभी गरीब जरूरतमंद परिवारो को उनकी स्वमं की भूमि पर पक्का आवास निर्माणा में सहयोग करना है। निकाय स्तर पर 145 एसे हितग्राही है जो पिछले 2 से 3 वर्शो से आवास निर्माण कार्य को आगे नही बढ़ा रहे, ऐसे सभी हितग्राहियो को लगातार निकाय स्तर पर समझाईस एंव नोटिस दी गयी पर वे इस पर गम्भीर नही थे। इस कारण अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से नोटिस प्रदान कर लापरवाही करने वाले हितग्राहियो पर ये कार्यवाही की गयी। उन्होने आगे कहा कि षासकीय राषि लोक कल्याण के लिए है ना कि व्यक्तिगत उपयोग हेतु होती है, यदि कोई व्यक्ति इसका गलत उपयोग करता है, तो प्रषासन सख्त कार्यवाही से पीछे नही हटेगी। अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय से नोटिस जारी कर सभी आवास निर्माण कार्य नही करने वाले हितग्राहियो को अंतिम अवसर दिया गया है।