
राजनांदगांव पास्को एक्ट के तहत फास्ट ट्रेक स्पेशल कोर्ट ने फिर एक दुष्कर्मी को कड़ी सजा सुनाई है न्यायाधीश श्री शैलेश शर्मा के कड़े फैसलों से समाज के कथित भटके मनचले युवकों को सबक मिला है ।घटना 3 वर्ष पहले आदिवासी बहुल क्षेत्र छुरियां की है न्यायाधीश ने दोषी युवक को अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई है।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि तीन साल पहले आदिवासी बहुल क्षेत्र छुरियां में संदीप सिन्हा नामक 19 वर्ष के युवक ने एक नाबालिक कन्या को अपनी हवस का शिकार बनाया इतना ही नहीं उसने पीड़िता को धमकी भी दी थी कि इस घटना की जानकारी यदि उसने किसी को भी दी तो वह उसे जान से मार देगा । इसके बावजूद पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस ने संदीप सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भांदवि की धारा 376 (क ख ) ,धारा 506 (2) और पास्को एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में चालान पेश किया । प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजन परवेज अहमद ने पैरवी करते हुए पीड़िता और शासन का पक्ष दमदारी पूर्वक रखा।
अपर सत्र न्यायाधीश श्री शर्मा ने बचाव पक्ष एवं पीड़िता व शासन के पक्ष को सुनने के बाद संदीप सिन्हा को दोषी पाया उन्होंने भांदवि की धारा 376 के तहत संदीप को आजीवन कारावास एवं ₹1000 के अर्थदंड ,धारा 506 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास एवं 1000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।









































