
राजनांदगांव के पूर्व सांसद एवम पूर्व महापौर मधुसूदन यादव ने आरोप लगाया है की पीएससी में जिस तरह से घोटाले के राज उजागर हो रहे हैं, वह राज्य के युवाओं के लिए चिंतनीय है, इसके साथ ही कल बिलासपुर हाईकोर्ट ने जिस तरह से कटु तथ्यात्मक टिप्पणी की है और जिस तरह से भाई- भतीजावाद के तहत चयनित लोगों को नियुक्ति देने से रोका है ,वह इस सरकार के मुंह पर कालिख मलने एवं वास्तविकता को आईना दिखाने वाला कृत्य है।
पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने आरोप लगाया की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कहते थे कि छत्तीसगढ़ के युवा एक भी सबूत लाकर देंगे तो पीएससी के गड़बड़ घोटाले की तत्काल जांच करवाऊंगा,और अब जब उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक हो रही है और जिस तरह से गड़बड़ियाँ उजागर हो रहा है, उससे स्पष्ट हो गया है कि ऐसा घोटाला देश में कहीं भी और कभी भी नहीं हुआ है । उसके बावजूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस गंभीर विषय पर संवेदनहीनता, मौन और निष्क्रियता से भूपेश सरकार की पीएससी घोटाले में पूरी तरह संलिप्तता उजागर हुई है।
कांग्रेस सरकार द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत जानबूझकर ऐसे लोगों को पीएससी में चयनित करने के लिए भेजा गया था जो लोग योग्यता के बजाय पैसे दे सकते हो। सही मायने में एक पूरा सिंडिकेट बनाकर इस सरकार ने युवा वर्ग के सपनो और भविष्य को बर्बाद कर दिया है । आज पूरे देश में छत्तीसगढ़ पीएससी की छवि सर्वाधिक भ्रष्ट ,सर्वाधिक बदनाम संस्था के रूप में उभर कर आई है जिसके कारण छत्तीसगढ़ के युवा वर्ग का इस सरकार और पीएससी से विश्वास उठ गया है। पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने जानकारी दी कि बहुचर्चित कुनो अभ्यारण जो कि मध्य प्रदेश राज्य में स्थित है, जहां पर अफ्रीकी चीता लाकर छोड़ा गया था उस पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में एक अभ्यर्थी ने लिखा कि कूनो अभ्यारण असम में है उसे पूरे नंबर दिए गए ।
इसी तरह छत्तीसगढ़ियावाद का झूठा दंभ भरने वाली भूपेश सरकार की छत्तीसगढियावाद की कलई भी इस पीएससी घोटाले में खुल गई, जब अंग्रेजी माध्यम में थोड़ा सा लिखने वाले रसूखदार छात्रों को पूरे अंक दिए गए जबकि जिन हिंदी माध्यम के छात्रों ने मेहनत करके पेपर में पूरा विस्तृत उत्तर दिया है उनको आधे मार्क्स भी नहीं दिए गए । यह भूपेश बघेल के खोखले छत्तीसगढ़ीवाद की हकीकत है । सही मायने में अपने चिन्हित लोगों को ज्यादा नंबर दिए जाने का ऊपर से निर्देश था और जिन योग्य लोगों ने सेटिंग नही की थी उन लोगों को अच्छा लिखने के बाद भी जानबूझकर कम अंक दिए गए ।
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मधु ने तंज कसते हुवे कहा है कि माननीय उच्च न्यायालय का निर्णय सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है और भूपेश बघेल की निष्क्रियता पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि यह सरकार केवल युवाओं को ठगने के लिए ढोंग रचती है, जबकि युवाओं को कम से कम 15 साल इस सरकार ने पीछे कर दिया । इसके पहले 2018 में सब इंस्पेक्टर प्लाटून कमांडर की भर्ती भाजपा सरकार ने निकाली थी किंतु आज तक भी इसकी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, उल्टे अदालत में मामला खींच रहा है क्योंकि राज्य शासन को भान है की इसमें सरकार के विरुद्ध नकारात्मक परिणाम आने वाला है ।
पीएससी घोटाले में भूपेश सरकार के संलिप्तता, ढुलमुल रवैय्ये और राजनीतिक हस्तक्षेप से प्रदेश का युवा वर्ग व्यथित एवं प्रताड़ित है क्योंकि इस सरकार ने युवा वर्ग के लिए कुछ नहीं किया केवल छलने का काम किया है, जब की प्रदेश के मुखिया छत्तीसगढ़ को एटीएम बनाकर कांग्रेस का खजाना भरने में लिप्त है, जिसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना होगा।









































