राजनांदगांव: युवा और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर ठेस, जनता के भरोसे पर फिर फेरा पानी — ऋषि शास्त्री…

राजनांदगांव। कांग्रेस के युवा नेता और पूर्व पार्षद दल प्रवक्ता ऋषि शास्त्री ने केंद्रीय बजट 2026-27 को आंकड़ों की चमक में लिपटा हुआ जनविरोधी बजट करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास के बड़े-बड़े दावे किए हैं, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी और मध्यम वर्ग की बढ़ती तकलीफों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। यह बजट जनता को राहत देने के बजाय निराशा और भ्रम फैलाने वाला है।
पूर्व पार्षद दल प्रवक्ता ऋषि शास्त्री ने कहा कि देश का युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहा है, लेकिन बजट में स्थायी और सम्मानजनक नौकरियों के लिए कोई ठोस योजना या स्पष्ट दिशा नहीं दी गई। केवल योजनाओं के नाम बदलकर पुरानी घोषणाएं दोहराई गई हैं, जो सरकार की नाकामी छिपाने का प्रयास हैं, समाधान नहीं।


उन्होंने कहा कि टैक्स भरने वाला मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा ठगा गया है। बढ़ती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य के खर्च से जूझ रहे परिवारों को बजट में कोई सीधी राहत नहीं दी गई, जिससे साफ है कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिक नहीं है।


किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कर्ज राहत, लागत का सही मूल्य और आय सुरक्षा जैसे बुनियादी सवालों पर बजट पूरी तरह खोखला और दिशाहीन है। किसानों की आय बढ़ाने के दावे हर साल दोहराए जाते हैं, लेकिन जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं।


ऋषि शास्त्री ने दो टूक कहा कि यह बजट आम आदमी के लिए नहीं, बल्कि चंद कॉरपोरेट मित्रों को फायदा पहुंचाने वाला है। उन्होंने चेतावनी दी कि छत्तीसगढ़ की जागरूक जनता केंद्र की उपेक्षा का करारा जवाब देगी। कांग्रेस पार्टी इस बजट को स्वीकार नहीं करेगी और जनता के हक के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।