राजनांदगांव : वाइडनर स्कूल के बच्चों के साथ ऐसा क्या हुआ कि लोगों में फूटा गुस्सा, पढ़िए पूरी ख़बर….


राजनांदगांव – वाइडनर स्कूल के बारह बच्चों को सी.बी.एस.ई का हवाला देकर निकाला, जिससे पालकों में फुटा गुस्सा । पालक अपने बच्चे एवं पैरेन्टेस एसोसिएसन के साथ कलेक्ट्रोरेट पहुंच कर डी.ई.ओ. आफिस का घेराव किया । आरटीई नोडल अधिकारी आदित्य खरे एंव नोडल प्राचार्य सुनिता खरे पर सख्त कार्यवाही करने के नाम पर कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को सौफा ज्ञापन ।

आर टी ई के तहत बच्चे पहले नीरज पैरेन्टेस प्राइड स्कूल में पढ़ते थें । जहां कक्षा आठवी तक ही संचालित है । आर टी ई के अंतर्गत बच्चों को इस वर्ष शिक्षा विभाग के आदेशानुसार तत्कालिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा वाईडनर स्कूल के कक्षा नवमी में प्रवेश दिलाया गया था ।

आरटीई के अंतर्गत अधिकारी आदित्य खरे एवं सुनीता खरे के द्वारा इस स्कूल में प्रवेश दिलाया गया था और अब इन बच्चों को मध्य सत्र में शिक्षा से वंचित कर दिया गया है । अधिकारियों का संरक्षण पाकर वाईडनर मेमोरियल सीनीयर सेकेण्ड्री स्कूल के प्राचार्य द्वारा आरटीई के बारह गरीब बच्चों को इस मध्य सत्र में स्कूल से निकाल दिया गया है । इनमें से कई बच्चे अनुसुचित जाति और जनजाति वर्ग से आते है । पालकों का कहना है कि बच्चों से स्कूल से परीक्षा शुल्क भी वसुला जा चुका है । पालकों ने अधिकारियों पर आरोप भी लगाया है कि जिले में निजी स्कूलों के साथ मिलकर कर लाभ दिलाने के लिए कार्य कर रहा है , जिसका खामियाजा गरीब बच्चे भुगत रहे है ।

पहलें भी आरटीई के बच्चों के संबंध में विधानसभा को कई बार झूठी जानकारी प्रस्तुत कर चुके है । उनकी लापरवाही के कारण पूर्व में भी सैकड़ों आरटीई के गरीब बच्चों का भविष्य बर्बाद हो चूका हैं । जिसकी कई बार लिखित में शिकायत हो चुकी है । पालकों का कहना है यह आरटीई अधिकारी और नोडल प्राचार्य की सोची समझीं सड़यंत्र है आर टी ई के अंतर्गत पढ़ने वाले बच्चों का पंजीयन नहीं कराया गया एवं फीस देकर पढ़ रहे है बच्चें का सीबीएसई में पंजीयन करा दिया है ।