राजनांदगांव: शिवनाथ नदी के तट में विराजमान हुई सिद्धार्थ गौतम बुद्ध के जन्म एवं महापरिनिर्वाण को इंगित करती हुई प्रतिमा…

राजनांदगांव। भगवान गौतम बुद्ध के 2565 वीं जयंती एवं त्रिगुण पावन पर्व के अवसर पर शिवनाथ नदी तट स्थित तपोभूमि (आँक्सीजोन, मोहारा) में जिला स्तरीय बौद्ध महोत्सव का आयोजन किया गया।

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कार्यक्रम के अध्यक्ष भदंत धम्मतप अध्यक्ष मेत्ता संघ जिला राजनांदगांव उपस्थित अतिथि पूज्य भदंत धम्मपाल जी, भदन्त महेन्द्र जी, राजनांदगांव जिले के पूर्व सांसद मधुसुदन यादव एवं वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. दीवाकर रंगारी तथा तमाम बौद्ध अनुयायी की उपस्थिति में तपोभूमि: शिवनाथ नदी के तट में विराजमान हुई सिद्धार्थ गौतम बुद्ध के जन्म एवं महापरिनिर्वाण को इंगित करती हुई प्रतिमा।

पूर्व सांसद मधुसुदन यादव ने बुद्ध जयंती की बधाई देते हुए कहा बुद्धों का पैदा होना सुखकर है, इस परिसर में पूज्य भदन्त धम्मतप के माध्यम से बुद्ध विराजमान हुए है, मै देख रहा हूँ, दस साल बाद इस परिसर का कायाकल्प होगा और हजारों लोग बुद्ध के दर्शन के लिए यहा आयेंगे। बहुत ही जल्दी यहा तपोभूमि ध्यान केन्द्र स्थापित होगा इसके लिए मैं प्रयास करूंगा।

कार्यक्रम के अध्यक्ष भदन्त धम्मतप अध्यक्ष मेत्ता संघ जिला राजनांदगांव ने अपने उद्बोधन में कहा आज के ही दिन वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) के दिन सिद्धार्थ गौतम बुद्ध का जन्म हुआ, आज के ही दिन ज्ञान प्राप्त हुआ, आज के ही दिन महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ उनके जीवन की तीनों घटनाओं की प्रतिमा तपोभूमि में स्थापित की गई है।

कोविड-19 (कोरोना) महामारी के वजह से जिन्होंने अपने जान को गवाया उन लोगों को मेरी श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित करता हूँ, एक ओर कोरोना महामारी के कारण दुनिया आहत हुई तो दूसरी ओर पृथ्वी सुन्दर हुई है ।

भगवान बुद्ध ने अनित्य – अनात्म की देशना दी, आज हमारा जीवन इसलिए दुःखी है क्योकि हमने बुद्ध के उपदेशों को अंगीकार नहीं किया, अपने जीवन से दुःखों को दूर करना होगा तो उसके लिए सुख के पीछे भागने की आवश्यकता नहीं बल्कि जीवन में दुःख के कारण को समझना होगा, उसे रोग समझे, फोड़ा समझे, उससे दूर भागते तभी हमारा जीवन सुखी एवं आनन्द से भर जायेगा।

सन् 2018 से तपोभूमि का निर्माण कर ध्यान साधना शिविरों एवं अन्य धार्मिक, सामाजिक आयोजनों के माध्यम से लोगों के जीवन से दुःख निकालने का प्रयत्न कर रहे है।

कार्यक्रम के तारत्म्य में भदंत धम्मपाल, भदंत महेन्द्र, वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. दीवाकर रंगारी एवं कन्हैयालाल खोब्रागडे़ ने उपस्थितजनों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालक संदीप कोल्हाटकर एवं आभार संतोष बोरकर ने किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संदीप कोल्हाटकर, संतोष बोरकर, संजय हुमने, शुभम रावत, कुनाल बोरकर, सागर रामटेके, दयानंद रामटेके एवं शशि श्यामकुंवर ने अथक परिश्रम किया।

कार्यक्रम में डाॅ. विजय उके, डाॅ. पन्नालाल वासनिक, सुनील गौतम, राजेश भोईर, कौशल खोब्रागडे, आयु. बुद्धिमित्रा वासनिक, आयु. नंदा मेश्राम, आयु. अर्चना रंगारी, आयु. अंजना मेश्राम, राजु बारमाटे, रविन्द्र रामटेके, अखिलेश ठवरे, अनिल खापर्डे, अविनाश खोब्रागडे़, देवपाल रामटेके, राजकुमार उके, जितेश सिमनकर, राजकुमार वाल्दे, राजेश मेश्राम, विकास वासनिक, राजेश वाघमारे, ज्ञानी मेश्राम, अमिताभ ठवरे, मनहरण साहू आदि कोविड नियमों का पालन कर उपस्थित हुये।