
राजनांदगांव शहर की सेवाभावी संस्था संस्कार श्रद्धांजलि द्वारा ब्रेल लिपि के आविष्कारक सर लुईस ब्रेल की जयंती के अवसर पर दो दिवसीय अखिल भारतीय दृष्टिहीन महासम्मेलन का आयोजन किया गया । इस आयोजन में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 200 दृष्टिबाधित शामिल हुए हैं।और अपने,अनुभव साझा किये ।
दृष्टिबाधिततों को एक मंच पर लाकर नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष राजनांदगांव शहर की सेवाभावी संस्था संस्कार श्रद्धांजलि के द्वारा दृष्टिबाधितों का राष्ट्रीय सम्मेलन ब्रेल लिपि के आविष्कारक सर लुइस ब्रेल की जयंती के अवसर पर किया जाता है। वर्ष 2006 से आयोजित हो रहे इस राष्ट्रीय दृष्टिबाधित दो दिवसीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ।
इस राष्ट्रीय दृष्टिबाधित महासम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 200 दृष्टिबाधित शामिल हुए हैं। राजनांदगांव शहर के महेश्वरी भवन में आयोजित इस महासम्मेलन में अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार और पद्मश्री डॉ पुखराज बाफना ने शिरकत की। इस दौरान युवा आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि वे ऐसे आयोजन की सराहना करते हैं।
दृष्टिबाधितों के इस दो दिवसीय राष्ट्रीय महासम्मेलन में दृष्टिबाधितों के बीच विभिन्न खेल प्रतियोगिता विवाह परिचय सम्मेलन का आयोजन किया । वहीं गीत संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। आयोजन को लेकर संस्कार श्रद्धांजलि संस्था से जुड़ी खुशी सोनछात्रा ने बताया कि इस राष्ट्रीय महासम्मेलन का आयोजन वर्ष 2006 से किया जा रहा है। जिसमें देशभर के दृष्टिबाधित शामिल होते हैं
वही बख्शी स्कूल के प्रोफेसर धन्नू लाल देवांगन ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिहिनो को दिव्यांग जन की संज्ञा देने पर साधुवाद किया है ।
राजनांदगांव शहर की सेवाभावी संस्कार श्रद्धांजलि संस्था लावारिस शवों को सद्गति देने का कार्य पिछले 2 दशकों से करती आ रही है। वहीं दृष्टिबाधितों के लिए राष्ट्रीय स्तर का आयोजन कर वे देशभर के दृष्टिबाधितों को अपने इस आयोजन में शामिल करते हुए उन्हें मार्गदर्शन और नई दिशा देने का प्रयास करती है। वहीं प्रतिवर्ष सर लुइस ब्रेल की जयंती के अवसर पर इस राष्ट्रीय महा सम्मेलन में शामिल होकर दृष्टिबाधित भी काफी उत्साहित होते हैं।









































