
राजनांदगांव । एनआईईपीआईडी, सिकंदराबाद के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत सीआरसी राजनांदगांव द्वारा 16 एवं 17 दिसंबर 2025 को “ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्तियों के लिए समग्र पुनर्वास दृष्टिकोण: एक बहुविषयक परिप्रेक्ष्य” विषय पर दो दिवसीय ऑफलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों से कुल 96 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑटिज़्म पुनर्वास से संबंधित कौशल, ज्ञान तथा व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ करना था।
शैक्षणिक सत्रों में बहुविषयक विषयों को शामिल किया गया, जिनमें विशेष शिक्षा एवं कक्षा रणनीतियाँ, व्यवहार प्रबंधन, विज़न थैरेपी, फिजियोथेरेपी हस्तक्षेप, ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर की क्लिनिकल समझ, प्रारंभिक हस्तक्षेप, स्पीच एवं हियरिंग प्रबंधन, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समावेशी शिक्षा तथा अंतरविषयक टीम की भूमिकाएँ प्रमुख रहीं।
कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना (बाल रोग विशेषज्ञ), श्रीमती स्मिता महोबिया (निदेशक, सीआरसी राजनांदगांव), श्रीमती भावना पाली (ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच लैंग्वेज थैरेपिस्ट), श्री प्रशांत मेश्राम (क्लिनिकल साइकोलॉजी), श्री पुनीत राम साहू (विशेष शिक्षक), सुश्री निधि राजन (विशेष शिक्षक एवं ओ एंड एम प्रशिक्षक), श्री पुषेंदु जना (विशेष शिक्षक), श्रीमती अंजली पांडेय (सीसीसीजीपी डेमॉन्स्ट्रेटर), श्रीमती पूजा साहू (फिजियोथेरेपिस्ट), श्री किशन लाल बैरवा (सहायक प्राध्यापक, विशेष शिक्षा) तथा सुश्री फरीदा बेगम (ट्रेनर – कौशल विकास) जैसे विशेषज्ञ वक्ताओं ने ऑटिज़्म पुनर्वास एवं व्यावसायिक प्रथाओं पर अपने अनुभव एवं ज्ञान साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत प्री-टेस्ट मूल्यांकन से हुई, इसके पश्चात सरस्वती वंदना एवं प्री-कैप इंटरैक्शन का आयोजन किया गया, जिससे समग्र शिक्षण को बढ़ावा मिला। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने चर्चाओं, प्रदर्शनों तथा शैक्षणिक संवादों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जो उनके उत्साह एवं रुचि को दर्शाता है।
कार्यक्रम के समापन पर पोस्ट-टेस्ट मूल्यांकन एवं फीडबैक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सभी 96 प्रतिभागियों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ दीं तथा सीआरई कार्यक्रम की उपयोगिता, संरचना एवं गुणवत्ता की सराहना की।
पूरे कार्यक्रम का समन्वय सुश्री चुनमुन मोहंती (प्रोस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट), सीआरसी राजनांदगांव द्वारा किया गया। उन्हें समिति सदस्यों सुश्री निधि राजन एवं श्री पुषेंदु जना का सहयोग प्राप्त हुआ। तकनीकी सहयोग श्री हेमंत सिन्हा द्वारा प्रदान किया गया, फोटोग्राफी की जिम्मेदारी श्री पुनीत राम साहू ने निभाई तथा अल्पाहार की व्यवस्था श्रीमती मुक्ता साहू द्वारा की गई।
यह दो दिवसीय सीआरई पहल पेशेवर क्षमताओं को सुदृढ़ करने एवं ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्तियों के लिए बेहतर पुनर्वास सेवाएँ प्रदान करने हेतु सहयोगात्मक कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने में सफल रही। सीआरसी राजनांदगांव दिव्यांगजन पुनर्वास के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, पेशेवर विकास तथा सेवा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।









































