
राजनांदगांव, 28 जुलाई 2025। राजस्थान में हाल ही में एक स्कूल में हुई दुखद दुर्घटना की पृष्ठभूमि में एनएसयूआई (NSUI) के प्रतिनिधि मंडल ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। युवा नेता ऋषि शास्त्री के मार्गदर्शन में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षा विभाग को सतर्क और सजग रहने की मांग की है, ताकि राजनांदगांव जिले में ऐसी कोई घटना दोहराई न जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि स्कूलों में मूलभूत सुरक्षा संसाधनों, भवन की स्थायित्व जांच, आपातकालीन निकास व्यवस्था, परिवहन की व्यवस्था और बच्चों की निगरानी व्यवस्था को लेकर तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।

ज्ञापन सौंपने वालों में अभिमन्यु मिश्रा, राजा यादव, नेहा वैष्णव, उज्ज्वल निर्मलकर, आदित्य वैष्णव, ऋषभ निर्मलकर और रोहित उत्कल शामिल रहे। इन सभी ने एक स्वर में कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और सरकार को बिना देरी के सभी स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट करवानी चाहिए।

ऋषि शास्त्री ने बताया कि आंकड़ों की माने तो केवल राजनांदगांव जिले में 530 स्कूलों में मरम्मत कार्य के प्रस्ताव भेजे गए परंतु राशि स्वीकृत नहीं हो पाई है साथ ही 30 से अधिक स्कूल भवन डिस्मेंटल करने की जरूरत है, 90 फीसदी स्कूलों में कक्ष की कमी है साथ ही लगभग 400 स्कूल इस सत्र के शुरुआत होते ही बंद हो गई उन्हें दूसरी नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है बच्चों की किताबें भी माह भर बाद पहुंच पाई यह शिक्षा जैसे गंभीर विषय में बड़ी लापरवाही है।
ऋषि शास्त्री ने कहा कि शिक्षा सिर्फ पठन-पाठन तक सीमित नहीं है, बच्चों का सुरक्षित वातावरण में विकास सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो एनएसयूआई बड़ा जन आंदोलन छेड़ेगी।









































