राजनांदगांव : 10 दिवसीय नाचा प्रशिक्षण का समापन…



सांस्कृतिक संस्था स्वरधारा राजनांदगांव और संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन का आयोजन
विधायक दलेश्वर साहू व महापौर हेमा देशमुख होंगे अतिथि

राजनांदगांव। अंचल की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था व लोक कलामंच के माध्यम से पहचान बना चुकी राजनांदगांव की स्वरधारा एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वावधान में छत्तीसगढ़ के लोक कलामंचों की पहचान नाचा पद्धति से दूर होते लोक कलाकारों को पुन: जोड़ने के उद्देश्य से 10 दिवसीय नाचा प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई थी जिसका समापन आज 24 जुलाई रविवार को दोपहर 12 बजे से मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ स्थित बर्फानी सभागृह में आयोजित किया गया है।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री दलेश्वर साहू विधायक डोंगरगांव विधानसभा, अध्यक्षता नगर की प्रथम नागरिक महापौर हेमा सुदेश देशमुख व विशिष्ट अतिथि श्रीमती रोशनी भगत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राजनांदगांव एवं राजेश मारु अध्यक्ष मितान लोक कलाकारों के संगठन की उपस्थिति में आयोजित है। इस अवसर पर स्वरधारा परिवार एवं छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक महादेव हिरवानी की भी प्रस्तुति दर्शकों को आनंदित करेगी।


आयोजन समिति के प्रमुख विष्णु कश्यप ने बताया कि स्वरधारा परिवार एवं छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग द्वारा अंचल की लोक कलाकारों को नाचा पद्धति से जोड़ने के लिए बर्फानी सभागृह में 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर15 जुलाई से प्रारंभ किया गया है। जिसमें अंचल के कलाकारों को तिलक राजा, महादेव हिरवानी, रोहित चंदेल, कुमुद शुक्ला, भागवत सिन्हा, कन्हैया साहू, येमन साहू, रुपेन्द्र टेकाम, विनोद गौतम,

विरु साहू, बाबूलाल देवांगन, संतोष वर्मा, तेजाराम साहू, श्रीमती सुनीता कश्यप, नैना साहू, पूजा रामटेके, ममता रामटेके, देवेन्द्र रामटेके के साथ ही मितान के अध्यक्ष राजेश मारू एवं प्रसिद्ध गीतकार हर्षकुमार बिंदु का उल्लेखनीय सहयोग इन कलाकारों को प्रोत्साहित करने व नाचा पद्धति को सीखने व सिखाने में मिला। प्रशिक्षण शिविर प्रतिदिन आयोजित किया गया। जिसमें नवीन लोक कलाकारों को वरिष्ठ व अनुभवी कलाकारों के माध्यम से नाचा पद्धति के साथ ही लोक कला की परंपरा व संस्कृति से अवगत कराते हुए प्रशिक्षण दिया गया।