
राजनांदगांव 03 अक्टूबर 2023। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की नवाचारी स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का आज अपने निवास कार्यालय से ऑनलाईन शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों और चार शहरों- रायपुर,
दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी। इस दौरान सर्वेश्वरदास नगर पालिक निगम उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय राजनांदगांव से सीईओ जिला पंचायत श्री अमित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश सिंह सहित शिक्षक और विद्यार्थी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह योजना बच्चों के सुनहरे भविष्य को गढऩे में अहम साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हर क्षेत्र में वातावरण का निर्माण करें।
इस दिशा में सरकार द्वारा सबसे पहले कृषि के क्षेत्र में वातावरण बनाया गया। इससे कृषकों की संख्या और कृषि क्षेत्र की रकबा तथा उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए काम का असर लोगों को दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के वातावरण के लिए हमारी सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने महारानी लक्ष्मी बाई शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला राजनांदगांव की 12वीं गणित संकाय की छात्रा संध्या यादव ने बात की। छात्रा संध्या यादव ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपके द्वारा स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना के अंतर्गत जेईई और नीट की कोचिंग नि:शुल्क शुरू कराई गई है। मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कोटा एवं अन्य कोचिंग स्थानों में कोचिंग करने में असथर्म थी।
इस योजना से मेरी तरह अन्य सभी असक्षम तथा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मदद मिलेगी। स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना को शुरू करने के लिए संध्या यादव ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना अंतर्गत जिले में प्री-मेडिकल नीट तथा प्री-इंजीनियरिंग जेईई की नि:शुल्क कोचिंग के लिए 370 बच्चों का पंजीयन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिले के 4 विकासखंड मुख्यालय छुरिया, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ एवं राजनांदगांव के 4 कोचिंग सेंटर के माध्यम से राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा प्री-मेडिकल नीट तथा प्री-इंजीनियरिंग जेईई की बेहतर रूप से तैयारी हेतु ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग की स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना के अनुसार प्रदेश के कक्षा दसवीं में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा कक्षा 12वीं में अध्यनरत विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। कोचिंग राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कोचिंग सेंटर की स्थापना की तैयारी कर प्रवेश प्रारंभ कर दिया गया है।
स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना में मेरिट क्रम अनुसार विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। विद्यार्थी को संबंधित विकासखंड, शहर के शासकीय स्कूलों में कक्षा 12 वीं का नियमित विद्यार्थी होना अनिवार्य होगा। विकासखंड मुख्यालय की स्कूलों में कक्षा 12 वीं में जीव विज्ञान तथा गणित संकाय में अध्ययनरत विद्यार्थी ही पात्र होंगे। प्रत्येक कोचिंग सेंटर में 75 से 100 विद्यार्थियों का प्रवेश दिया जाना है। इसमें प्री-मेडिकल तथा प्री-इंजीनियरिंग के लिए अधिकतम 50-50 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएगी। ये कक्षाएं शाम 3 बजे से 6.30 बजे तक संचालित होंगी। इस संबंध में विषय विशेषज्ञ नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों का नियमित आकलन तथा शिक्षकों की कक्षाओं के अध्यापन का भी अवलोकन किया जाएगा। योजना के संबंध में पालकों का फीडबैक भी लिया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाओं की यह विशेषता रहेगी कि यह टू-वे संवाद रहेगा अर्थात विद्यार्थी विषय विशेषज्ञों से प्रश्न पूछ सकेंगे।
जेईई एवं नीट के लिए अलग-अलग कक्षाएं प्रदेश में संचालित आत्मानंद विद्यालय एवं अन्य विद्यालय में संचालित होंगी। प्रत्येक कोचिंग केंद्र में भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान एवं गणित विषय के लिए नोडल शिक्षक तथा एक मुख्य नोडल अधिकारी प्राचार्य अथवा व्याख्याता स्टाफ के नियुक्त किए गए हैं। ऑनलाइन कोचिंग प्रदाता संस्थान विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड का विश्लेषण, विद्यार्थियों का फीडबैक, पालकों का फीडबैक की सघन मॉनिटरिंग हेतु मॉनिटरिंग अधिकारी भी नियुक्त किया जा रहे हैं।
भविष्य में इसी तर्ज पर पीएससी की भी तैयारी ऑनलाईन माध्यम से कराए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ अवसर पर किया गया है। इस अवसर पर सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्री पीसी मरकले, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री योग दास साहू, सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती प्रणिता शर्मा, श्री आदर्श वासनिक, बीआरसी श्री भगत सिंह ठाकुर उपस्थित थे।









































