
रायपुर – केन्द्र सरकार ने प्रदेश के 552 और स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करने की मंजूरी दी है। इन स्कूलों में पाठ्यक्रम के साथ ही लैब संचालन करने राशि भी आवंटित कर दी है। इसी तरह व्यावसायिक प्रशिक्षकों के मानदेय में 1-1 हजार रुपए की बढ़ोत्तरी की है परंतु न तो अब तक बढ़े हुए मानदेय मिल रहे हैं और न ही नए स्कूलों में पाठ्यक्रम शुरू हो सके हैं।
वर्तमान में प्रदेश के 546 हाई व हायर सेकेण्डरी स्कूलों में नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई हो रही है। व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत 10 ट्रेड आईटी, रिटेल, ऑटोमोबाइल, एग्रीकल्चर, हेल्थ केयर, टेलीकॉम, मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, बीएफएसआई, ब्यूटी वेलनेस और इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल है। इन स्कूलों में लैब का भी निर्माण किया जा चुका है।
इसके अलावा केन्द्र शासन ने 552 और नये स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी प्रदान की है। इन स्कूलों में लैब बनाने राशि भी समग्र शिक्षा राज्य कार्यालय को आबंटित की है। मंजूरी के बाद भी अब तक नए स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ नहीं हो सके हैं। किन स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाने हैं, उनकी सूची भी तैयार हो चुकी है।
दूसरी ओर, व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने वाले प्रशिक्षकों के मानदेय में 1-1 हजार रुपए की बढ़ोत्तरी केन्द्र द्वारा की गई है। बढ़ाए गए मानदेय की राशि भी आवंटित की जा चुकी है। अप्रैल से आवंटित राशि का भुगतान अब तक व्यावसायिक प्रशिक्षकों को नहीं किया जा रहा है। समग्र शिक्षा द्वारा की जा रही लेटलतीफी से प्रशिक्षकों में नाराजगी है। उन्होंने अप्रैल से बढ़े हुए मानदेय की राशि का भुगतान शीघ्र करने की मांग समग्र शिक्षा से की है।
मानदेय भुगतान में भी देरी
व्यावसायिक प्रशिक्षकों को मानदेय भुगतान में भी देरी की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। बताते हैं कि समग्र शिक्षा में व्यावसायिक पाठ्यक्रम वाले संबंधित सेक्शन से मानदेय संबंधी फाइल बढ़ाने में विलंब किए जाने की वजह से प्रशिक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि अभी कुछ महीनों से नियमित रूप से मानदेय का भुगतान हो रहा है।
Source – dainik navbharat









































