
रायपुर : एंकर
– सभी श्रोताओं को नमस्कार, जय जोहार।
– साथियों, आज लोकवाणी कार्यक्रम अपने सोलहवें पायदान पर पहुंच गया है। आज की कड़ी में माननीय मुख्यमंत्री जी की बातचीत होगी प्रदेश की मातृशक्ति से, माताओं, बहनों और बेटियों से।
– इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी और आप सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत है।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– दाई, दीदी, बेटी मन ला मोर डहर ले परनाम।
– लोकवाणी के सब्बो सुनइया मन ला मोर जय जोहार, नमस्कार, जय सियाराम।
एंकर
– माननीय मुख्यमंत्री जी, 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पूरे देश में महिलाओं के प्रति आदर और उनके अधिकारों को लेकर विचार-विमर्श हुए।
– आपने इच्छा जताई थी कि मार्च माह का लोकवाणी कार्यक्रम मातृशक्ति को समर्पित किया जाए।
– हमें यह कहते हुए बहुत खुशी का अनुभव हो रहा है कि बहुत बड़ी संख्या में माताओं, बहनों और बेटियों ने अपने विचार, अपनी भावनाओं का इजहार किया है।
– हिन्दी के अलावा छत्तीसगढ़ी, हल्बी भाषाओं में भी बहनों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं।
– माननीय मुख्यमंत्री जी, सबसे पहले तो यह जानना चाहेंगे कि आपकी सरकार महिलाओं के हित के लिए किस प्रकार से कार्य कर रही है और समग्र रूप में क्या सोच रखती है?
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– देखिए, सबसे पहले तो बता दूं कि हम छत्तीसगढ़ की कल्पना ही छत्तीसगढ़ महतारी के रूप में करते हैं।
– छत्तीसगढ़ को मां के रूप में, मातृशक्ति के रूप में, देखने और समझने का विचार हमें अपने पुरखों से विरासत में मिला है। राज्य गठन के बाद हमें लगता था कि यह भाव और अधिक सम्मान पाएगा, इसे सार्थक बनाया जाएगा।
– हमने आते ही डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा द्वारा रचित उस छत्तीसगढ़ी गीत को राज्य गीत घोषित किया, जिसमें कहा गया है-
अरपा, पइरी के धार
महानदी हे अपार,
इंद्रावती ह पखारे तोर पइयां,
महूँ पाँव परँव तोर भुइँया,
जय हो-जय हो छत्तीसगढ़ मइया।
– इस तरह हमने महिलाओं के प्रति अपनी सरकार की प्राथमिकता को स्पष्टतः घोषित किया है।
– हमारे छत्तीसगढ़ में दंतेश्वरी- बम्लेश्वरी-महामाया- चंद्रहासिनी- दुर्गा- शीतला और देवी के हर स्वरूप को पूजा जाता है। इस तरह हमारे जनमानस में मातृशक्ति की आराधना का जो भाव है, उसे हमने नए ढंग से प्रतिष्ठित किया है।
– मेरा मानना है कि महिलाओं को आदर देने का संस्कार जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उनके अधिकारों की रक्षा करना, उनकी शिक्षा, सेहत, स्वावलम्बन, आत्मसम्मान के लिए सतत् प्रयास करना। आप देखिए कि हमारी सरकार ने इस दिशा में ठोस काम किए हैं।
एंकर
– माननीय मुख्यमंत्री जी, महिलाओं के लिए अच्छा स्वास्थ्य सबसे बड़ा वरदान होता है। यदि उनकी सेहत अच्छी है तो वे अपने घर, परिवार, कुटुम्ब और समाज को संवार सकती हैं। सही दिशा में ले जा सकती हैं। छत्तीसगढ़ में आपने महिलाओं के पोषण और सेहत को लेकर बहुत सी योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए हैं, जिन्हें लेकर महिलाओं ने बड़ी उत्साहजनक प्रतिक्रिया दी हैं। आइए सुनते हैं-पहली आवाज हल्बी में और फिर छत्तीसगढ़ी और हिन्दी में।
(1) हिरमी बाई, जिला-दंतेवाड़ा
प्रदेश चो मुुखिया के मैं जय जोहार करेंसे। जय जोहार। मोचो नाम हिरमी बाई नाम आए। मैं दंतेवाड़ा जिला के कुआकोंडा ब्लॉक चो टिकनपाल भठ्टीपारा मंे रहू आए। आमचो गांव गोटक दी ने महिला एवं बाल विकास विभाग बाटले बाल संदर्भ मेला होइलि। त मैं मोच पिला नेउर ले मोच पिला के डॉक्टर मन सांगला कि कमजोर आसे। एके एनआरसी अस्पताल में भर्ती करु पड़े तेे। मोच पिला अच्छा होय बोलू सांगलों ने मैं ना के नि ले और पंद्रह दिन में मोचो पिला के अच्छा देखभाल हो ली। दू, तीन टाइम चो काय-काय दवई मन ब ल देते रहाय डॉक्टर मन अउ पाछे एको बार बोली नई पैसा मोला दिला और मोचो पिला के अच्छा होलो से चो वजन बहुत अच्छा से बाढ़ली, स्वास्थ्य आसे, अच्छा खेलिसे, अच्छा खाये से तीन बार-चार बार खाये से पिला ऐ दे आए। आगे तो ऐ दारी आंगनबाड़ी जाये चो पिला मन भात बासी खायोसे, रोटी, भात, सब्जी, दाल सबाय चीज देवाल, अण्डा देवाल, लड्डू देवाल त आमाचो पिला मन के नेउ हुआ। आमचो प्रदेश चो मुखिया को मैं खूबे-खूबे धन्यवाद देयेंसे। मोर पिला चो जीव बाच ली। रंग-रंग चो हु ना चो, योजना मन चो फायदा के मिले से। आमचो पिला मन के खूबे खुस आसे। बहुत-बहुत धन्यवाद। जय जोहार।
(2) रेणुका सोनी, जिला- राजनांदगांव
माननीय मुख्यमंत्री महोदय ल मोर नमस्कार। मैं रेणुका सोनी राजनांदगांव के शीतला मंदिर वार्ड 25 के निवासी हरों। सर मैं आप ल बताना चाहत हंव के जब मैं गर्भवती रेहेंव त मोर ब्लड बहोत कम रिहिस हे। मोला अपन अउ होवइया बच्चा के चिंता होवत रिहिस। उही समय कोरोना वायरस हमर शहर म फइले रिहिस अउ लॉकडाउन होय के कारन खाय पिए बर भी अब्बड़ परेसानी होवत रिहिस। अइसन मुस्कुल समय म आपके मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के माध्यम से आंगनबाड़ी वाले दीदी हमर घर मा सूखा रासन देत रिहिस जेखर कारण मोला बहुत राहत मिलिस अउ मोर चिंता दूर होइस। आंगनबाड़ी वाली दीदी ह समय-समय मोर घर आ के मोर हालचाल पूछत रिहिस। आपके ये योजना में लाभ के परिणाम हे मैं ह एक स्वस्थ बच्चा ल जन्म दे हवं अउ में भी बहुत स्वस्थ हवं। एखर सेती मैं आप मन ल बहुत-बहुत धन्यवाद देवत हवं के अइसन कठिन समय म आप ह हमर माता मन के ध्यान रखेव, धन्यवाद सर।
(3) रितु सिन्हा, जिला-राजनांदगांव
हमर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ला परनाम। मैं ग्राम रामपुर विकासखंड डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव ले रितु सिन्हा बोलत हंव। हमर मुख्यमंत्री जी, आप मन मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाय हो, जेखर ले मोला अब्बड़ फायदा होइस हे। काबर के मे जब गर्भवती रेहेंव ता मोला खून के कमी रहिस हे। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान मा मोला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दीदी हर कोरोना काल मा घलो सूखा रासन दिस हे। जेखर ले मोर खून के कमी हा दूर होगे अउ मेहा स्वस्थ लइका ला जन्म दे हंव। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान ले मोर घर आंगन मा खुसहाली बगरगे। एखर बर मुख्यमंत्री जी ला गाड़ा-गाड़ा धन्यवाद! जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़।
(4) गोशिया बानो, जिला-सूरजपुर
माननीय मुख्यमंत्री जी जय जोहार। मैं गोशिया बानो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केन्द्र-मौलाना आजाद वार्ड क्रमांक 2 मागमा माझमामाड़ा सेक्टर-सूरजपुर 1 परियोजना, सूरजपुर जिला सूरजपुर। छŸाीसगढ़ में लॉकडाउन की अवधि में रेडी-टू-ईट का वितरण जो आपके द्वारा निर्देश दिया गया था, उसका पालन हमारे द्वारा किया गया और उस विषम परिस्थिति में भी हितग्राहियों की पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसके लिए हम सभी आपके बहुत-बहुत आभारी हैं। जय जोहार, जय छत्तीसगढ़।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– धन्यवाद। हिरमी जी, रेणुका जी, रितु जी और गोशिया बानो जी।
– मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद जब मुझे पता चला कि छत्तीसगढ़ में 37.5 प्रतिशत बच्चे कुपोषण और 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं तो मुझे बहुत दुःख हुआ।
– कुपोषण और एनीमिया अपने आप में एक गंभीर बीमारी की तरह है और इसके कारण बहुत सी बीमारियां हो जाती हैं।
– इसलिए हमने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया ताकि कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ी जा सके।
– इस लड़ाई में किसी भी तरह से संसाधनों की कमी न आए, इसके लिए हमने एक ओर जहां विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर डीएमएफ की राशि का उपयोग करने की रणनीति अपनाई। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषण आहार को बढ़ावा दिया ताकि लोगों को उनकी रुचि के अनुसार पोषक तत्व मिले।
– मुझे खुशी है कि एक वर्ष में 1 लाख बच्चे, जिसमें बेटियां अधिक हैं, कुपोषण से मुक्त हुए तथा 20 हजार महिलाओं को एनीमिया से निजात मिली।
– बहनों और बेटियांे, मैं चाहूंगा कि आप लोग हमारी योजना के अनुसार पोषक तत्व और दवाई लेते रहंे।
– कोरोना काल में भी यह अभियान जारी रहा, जो इस बात का प्रतीक है कि अब कोई भी ताकत आपको कुपोषण और एनीमिया मुक्ति से रोक नहीं पाएगी। आपके सहयोग से हम छत्तीसगढ़ के प्रत्येक बच्चे और नारी को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त कराएंगे।
– हमने देखा कि बहुत से क्षेत्रों में महिलाएं तबीयत खराब होने के बावजूद अस्पताल नहीं जा पाती थीं। आदिवासी अंचलों में, शहरी बस्तियों में महिलाएं अपने परिवार के पोषण के लिए हाट-बाजार तो जाती थीं, लेकिन अस्पताल जाने का समय नहीं निकाल पाती थीं। इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने ऐसी योजनाएं शुरू कीं कि जिन स्थानों में महिलाएं सरलता से जा सकती हैं, वहां पूरी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा दी जाए। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिक, संजीवनी एक्सप्रेस, 102 महतारी एक्सप्रेस, ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाई, हमर अस्पताल योजना, हमर लैब योजना, मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान, मितानिन प्रोत्साहन राशि भुगतान सॉफ्टवेयर आदि उपायों से महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच, उपचार तथा सहायक सेवाओं का काम किया जा रहा है।
एंकर
– माननीय मुख्यमंत्री जी, किसी भी व्यक्ति के सम्पूर्ण विकास के लिए शिक्षा व सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रदेश में नारी शिक्षा व सुरक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में क्या विशेष प्रयास किए जा रहे हैं?
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– बहुत अच्छा सवाल किया आपने। हमने तो आंगनवाड़ी के स्तर से ही शिक्षा की बुनियाद रखने की पहल की है। आमतौर पर आंगनवाड़ी को शिशुओं के पोषण आहार प्रदाय का केन्द्र माना जाता है, लेकिन हमने आंगनवाड़ी को नर्सरी-प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया है।
– महात्मा गांधी नरेगा में कन्वरजेंस से आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण किया जा रहा है।
– हर जिले में कन्या महाविद्यालय तथा कन्या छात्रावास खोलने का लक्ष्य रखा है, जहां नहीं है, उसके लिए हमने अपने तीनों बजटों में प्रावधान रखा है।
– 1 हजार माध्यमिक विद्यालयों तथा 74 कन्या छात्रावासों में बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
– आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा स्वच्छता दीदियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है।
– घरेलू हिंसा से संरक्षण के लिए प्रत्येक जिले में नवा बिहान योजना के तहत संरक्षण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
– शिक्षा का अधिकार के तहत 12वीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ बालिकाओं को भी मिल रहा है।
– कन्या छात्रावास तथा आश्रमों में महिला होमगार्ड के 2 हजार 200 नए पदों का सृजन किया गया है। नए बजट में 9 नवीन कन्या छात्रावासों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
– प्रदेश में महिलाओं की साक्षरता दर कम रही है। राष्ट्रीय स्तर पर साक्षरता अभियान नहीं चलाए जाने के कारण राज्य को होने वाले नुकसान की भरपाई हमारी नई ‘पढ़ाई-लिखाई योजना’ की जाएगी, जिसका लाभ महिलाओं को होगा।
– महिला पुलिस तथा स्वयंसेविका योजना के तहत महिला अधिकारों के संरक्षण के लिए दो जिलों में साढ़े चार हजार से अधिक स्वयंसेविकाएं काम कर रही हैं। यह प्रयोग सफल होने पर अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
– बेटियों के जन्म को सकारात्मक रूप में लेने की प्रेरणा का संचार करने हेतु ‘कौशल्या मातृत्व योजना’ शुरू की जा रही है। योजना में दूसरी संतान के रूप में बेटी जन्म होने पर आर्थिक मदद की जाएगी।
– विभिन्न जिलों में कामकाजी महिला छात्रावास की स्थापना की जा रही है।
– हमने 2023 तक सभी 45 लाख ग्रामीण घरों में नलों से शुद्ध पानी पहंुचाने का लक्ष्य रखा है। मेरा मानना है कि इस सुविधा से महिलाओं को बहुत लाभ मिलेगा।
– महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए 370 थानों में महिला हेल्प डेस्क संचालित है।
एंकर
– माननीय मुख्यमंत्री जी, आपने कहा है कि महिलाओं के समुचित विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा की तरह स्वावलम्बन की भी बड़ी भूमिका है।
– पहले बात करते हैं कि शासकीय नौकरी में महिलाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए क्या विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, आइए सुनते हैं, कुछ बहनों के विचार और फिर आप कृपया अपनी बात रखिएगा।
(1) एकता राजानी, राजिम
माननीय मुख्यमंत्री जी सादर प्रणाम। मैं एकता राजानी राजिम से हूं। महोदय, सर्वप्रथम मैं आपका सहृदय आभारी हूं कि आपने मुझे शिक्षा विभाग में सेवा का अवसर प्रदान किया। 26 सालों से स्थायी भर्ती बंद थी। हमें लगता था कि हमारा भविष्य अंधेरे में है पर आपने स्थायी टीचर्स की भर्ती की घोषणा करके जो आशा जगाई थी, अब वह पूरी हो गई है। हमें स्थायी नियुक्ति पत्र मिल गया है। ये हमारे लिए गौरव का विषय है कि 26 साल बाद जब आपकी कृपा से स्थायी भर्ती शुरू हुई है तो सबसे पहले बैच में हमारा चयन हुआ है। इससे हम युवाओं का विश्वास और भी मजबूत हुआ है। मैं इस कार्य को पूरी निष्ठा व लगन से करूंगी। मैं चाहूंगी कि आगे भी आप इसी तरह युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करते रहें, जिससे हमारे छŸाीसगढ़ का भविष्य उज्ज्वल हो, धन्यवाद।
(2) झरना धु्रव
मैं झरना धु्रव। मेरी अनुकम्पा नियुक्ति जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुई थी। वर्तमान में मैं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवपुर में भृत्य के रूप में कार्यरत हूं। अनुकम्पा नियुक्ति उपरांत मैं अपने परिवार एवं भाई-बहनों का अच्छी तरह से पालन पोषण स्वावलंबी होकर कर रही हूं, जिसके लिए मैं छत्तीसगढ़ शासन का शुक्रगुजार हूं।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– एकता और झरना बिटिया।
– आपने सही कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार हमने स्थायी शिक्षक, शिक्षिकाओं की भर्ती के बारे में कहा था, जिसके दो प्रमुख कारण थे। एक तो शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि और दूसरा नौकरी कर रहे शिक्षकों के भविष्य की सुरक्षा।
– हमने लगभग 15 हजार पदों के विरुद्ध नियमित भर्ती की प्रक्रिया शुरू की तो कोर्ट से स्टे जैसी अनेक समस्याएं आ र्गइं।
– मुझे खुशी है कि अंततः सारी समस्याओं को हल करते हुए अब चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र मिलना शुरू हो गया है।
– जिन लोगों को नियुक्ति पत्र मिल गया है, उन सबको मैं बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
– हमने दो वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों के नियमितीकरण का वादा निभाया है, जिसका लाभ हमारी बहनों को मिला है।
– मिशन क्लीन सिटी परियोजना में 10 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है।
– पुलिसकर्मियों की भर्ती की रुकी हुई प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसी तरह से विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
– मैं बताना चाहता हूं कि सरकारी सेवाओं में महिलाओं के अधिकार सुरक्षित रहें, इसके लिए हमने यह व्यवस्था की है कि भर्ती, पदोन्नति, दस्तावेजों की छानबीन आदि कार्यों के लिए जो भी समितियां बनाई जाएंगी, उनमें एक महिला प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से रहंेगी।
– आपके अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
एंकर
– माननीय मुख्यमंत्री जी, इसमें दो राय नहीं है कि शासकीय सेवाओं में महिलाओं की अधिकाधिक उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए आपकी सरकार ने अनेक प्रावधान किए हैं।
– लेकिन आपने महिलाओं को रोजगार देने के और भी अनेक अवसर पैदा किए हैं, जिसका लाभ ग्रामीण से लेकर वनांचल तक बहनों को मिल रहा है। जिनके बारे में हमारी बहनें बहुत उत्साह से चर्चा कर रही हैं, आइए सुनते हैं।
(1) खिलेश्वरी सतनामी
जय बिहान, मैं खिलेश्वरी सतनामी हूं। बिहान योजना के एमयूसी नारी में हथकरघा का कार्य करती हूं। इस कार्य को करते हुए आज मैं आत्मनिर्भर और सक्षम बन चुकी हूं। मैं छत्तीसगढ़ सरकार को रोजगार की इस पहल के लिए धन्यवाद देती हूं।
(2) सुनीता साहू, जिला-धमतरी
नमस्कार, मेरा नाम सुनीता साहू, ग्राम मरौद, थाना-कुरुद, जिला-धमतरी छत्तीसगढ़। मैं बिहान योजना के तहत संजीवनी स्व-सहायता समूह में जुड़ी हूं। इसके माध्यम से मुझे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में बैंक सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। मैं खाता ओपनिंग, डिपोजिट विड्राल, फंड- ट्रांसफर, मिनी स्टेटमेंट, बीमा अन्य सर्विस दे रही हूं, जिसमें 10 गांवों में जा जाकर बैंकिंग की जानकारी, बैंकिंग सेवाएं दे रही हूं। मैं इस बिहान योजना को लाने वाले को बहुत तहेदिल से धन्यवाद देती हूं कि इसके माध्यम से मेरे परिवार का पालन पोषण हो रहा है और मेरी आय मंथली 20 से 25 हजार हो रही है, जिससे मेरे घर की स्थिति में बहुत सुधार आया है। इसीलिए मैं इस योजना को लाने वाले को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं, जय बिहान।
(3) बसंती चक्रधारी ग्राम-नारी
जय बिहान, मैं बसंती चक्रधारी ग्राम-नारी, बिहान योजना के इम्यूसी नारी में माटीकला का कार्य करती हूं। इस कार्य को करते हुए आज मैं आत्मनिर्भर और सक्षम बन चुकी हूं। ग्रामीण महिलाओं के रोजगार हेतु शुरू की गई इस योजना के लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार की आभारी हूं।
(4) सुषमा मेश्राम
जय बिहान, मेरा नाम सुषमा मेश्राम है। मेरे गांव का हंचलपुर नाम है। महामाया कृषि समूह में मैं सचिव हूं और हम लोग वर्मी खाद का उत्पादन कर रहे हैं। अभी हम लोग वर्मी खाद बनाकर बेचते भी हैं। गांव के किसान भी लेकर जाते हैं और बाहर के किसान भी आते हैं। अभी तक हम लोग 286 क्विंटल वर्मी खाद बेच चुके हैं, जिसकी राशि 2 लाख 50 हजार 600 रूपए है। हम लोग वर्मी केंचुआ का भी उत्पादन कर रहे हैं, उसको भी बेच चुके हैं। हम लोग 25 क्विंटल वर्मी केंचुआ बेच चुके हैं और उसका राशि है 5 लाख 900 रुपए। वर्मी वाश भी बन रहा है, उसको भी 30 रुपए प्रति लीटर की दर से बेचेंगे।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– खिलेश्वरी जी, सुनीता जी, बंसती जी, सुषमा जी। जय बिहान।
– जब मैं गांव-गांव का दौरा करता हूं तो आपका यह उद्बोधन मुझे बहुत रोमांचित करता है, बहुत उत्साह जगाता है।
– मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत प्रदेश में 20 लाख 2 हजार गरीब परिवारों की 1 लाख 85 हजार महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ गई हैं।
– आप लोगों के द्वारा एक से बढ़कर एक कार्य किए जा रहे हैं। अपनी मौलिकता, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कौशल और संसाधनों का उपयोग आप लोग जिस खूबसूरती से कर रहे हैं, उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। वास्तव में आप लोगों ने मातृशक्ति शब्द को सार्थक करके दिखाया हैं।
– आप में से साढ़े तीन हजार बहनें बीसी सखी के रूप में चलता-फिरता बैंक बन गई है।
– हमारी ग्रामीण महिलाओं का यह कायाकल्प और उनकी सूझबूझ का विस्तार बहुत उम्मीद जगाने वाला है।
– आपकी प्रतिभा, लगन और मेहनत को देखते हुए नए बजट में मैंने रूरल इंडस्ट्रियल पार्क और सी-मार्ट स्टोर जैसी नई अवधारणा को शामिल किया है।
– शहरों में पौनी-पसारी योजना और गांवों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के सफल संचालन के पीछे वास्तव में नारी की शक्ति होगी। मुझे विश्वास है कि आप सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ में छोटी-छोटी पूंजी और थोड़ी-थोड़ी उद्यमिता को मिलाकर एक नई आर्थिक क्रांति का जन्म होगा।
– यह आर्थिक क्रांति विकास का एक टिकाऊ मॉडल बनकर पूरी दुनिया में नाम कमाएगी।
एंकर
– माननीय मुख्यमंत्री जी, आपने सुराजी गांव योजना, सक्षम योजना तथा स्वरोजगार हेतु अनेक पहल की है, इससेे हमारी ग्रामीण महिलाओं ने अपने आपको सफल बनकर दिखाया है। आइए संकट के अंधेरों से निकलकर सफलता का सूरज उगाने वाली कुछ बहनों के विचार सुनते हैं।
(1) किरण लता साहू
जय बिहान, मेरा नाम किरण लता साहू है। मेरे समूह का नाम जय भवानी महिला स्व-सहायता समूह है, जिसमें हम लोग 10 सदस्य हैं और हमें यहां पर सुराजी ग्राम योजना के तहत बंजर पड़ी जमीन में लेमन ग्रास, एलोविरा, पोदीना की खेती करने का काम मिला है। यहां पर हम लोग सब्जी वगैरह लगाए हुए हैं, जिससे हमें अच्छी आय होने की शुरुआत हो चुकी है। हम सभी 10 महिलाएं यहां पर माह में 5 से 6 हजार कमा लेती हैं, जिसके लिए हम सभी को धन्यवाद देते हैं।
(2) महिला स्वसहायता समूह-ग्राम पंचायत भटगांव
हमर समूह के नाम जय भवानी महिला स्वसहायता समूह हे। जेमे हमन हां दस सदस्य काम करत हन। ये हमर गांव में ग्राम पंचायत भटगांव में सुराजी ग्राम योजना के तहत यहां काम चालू होय हे। हमन सबसे पहले बंजर भूमि म लेमन ग्रास के पउधा लगाय हवन। ओखर बाद जिला प्रशासन, उद्यानिकी विभाग अउ ग्राम पंचायत भटगांव के मदद से गेंदा के फूल अउ सब्जी लगाए हन। जेखर से हमन ल अच्छा फायदा होइस हे अउ आगे जाके हमन अउ अच्छा से करना चाहत हन। हमर ग्राम पंचायत भटगांव, उद्यानिकी विभाग अउ जिला प्रशासन ला बहुत-बहुत धन्यवाद।
(3) फुलमावा बाई, जिला-दंतेवाड़ा
माननीय मुख्यमंत्री जी को मेरा नमस्कार। माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा नाम फुलमावा बाई, मैं दंतेवाड़ा जिला, जीडी कॉलोनी की रहने वाली हूं। मेरे पति का देहांत वर्ष 2014 में होने के बाद अपने परिवार के पालन-पोषण, बच्चों की जिम्मेदारी पूरे मुझ पर आ गई, मैं खुद को असहाय महसूस करने लगी। कुछ दिन पहले ही आंगनबाड़ी वाली दीदी ने सक्षम योेेजना के बारे में बताया। उनके सहयोग से मैंने आवेदन किया और एक सप्ताह के अंदर मुझे सक्षम योजना से एक लाख रुपए मिलेे। उसकी मदद से नास्ते की एक छोटी दुकान खोली जिससे मुझे प्रतिदिन 700 से 800 रुपए की आमदनी होती है। इससे अपने परिवार का पालन-पोषण बहुत अच्छे से कर रही हंू। माननीय मुख्यमंत्री जी मैं और मेरे परिवार की ओर से इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।
(4) कमलेश्वरी यादव
मोर नाम कमलेश्वरी यादव हे, मैं भूतहा के रहवया हंव। मोर समूह के नाम हे, जय दुर्गा महिला स्वसहायता समूह। जेकर तहत हमर भूतहा में प्लांटेशन लगा के देहे। जिहां हमन काम करत हन, जेमे फेनिशिंग घेरा होय हे। सोलर पैनल लगे हे अउ पेड़-पौधा के साथ-साथ खेती-बाड़ी करे बर उद्यानिकी विभाग वाले भैया मन हमर मन के सहायता करत हे। जेमे ओमन ह मिर्ची बीजा देहे, प्याज बीजा देहे अउ मिनी किट देहे। पानी के दिक्कत हमन ला मत होय कहि के पाइप भी मिले हे। जेमे हमन हा अपन आजीविका चलात हवन अउ थोड़ा बहुत हमन ला आमदनी भी होय हे अउ रोजगार गारंटी के तहत हमन ला रोजी भी मिलत हे।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– किरण जी, फुलमावा बाई जी, कमलेश्वरी जी, आप लोगों की सफलता की कहानी सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा। चाहे सुराजी ग्राम योजना हो, मल्टीयूटीलिटी सेंटर की योजना हो, सक्षम योजना हो, छत्तीसगढ़ महिला कोष हो, स्वावलम्बन योजना हो या दिशा-दर्शन योजना हो। ऐसी तमाम योजनाओं का उद्देश्य है कि आप अपनी परिस्थिति तथा अवसर के अनुसार आजीविका का साधन चुनें।
– गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कुल विक्रेताओं में लगभग 45 प्रतिशत की भागीदारी महिलाओं की है।
– इस तरह मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमारी योजनाओं में माताओं-बहनों की भागीदारी से ही सफलता मिल रही है, इसके लिए मैं आप सबको धन्यवाद देता हूं।
एंकर
– माननीय मुख्यमंत्री जी, 27 फरवरी 2021 को आपकी सरकार ने बेटियों का सबसे बड़ा सपना पूरा करते हुए एक नया कीर्तिमान भी रचा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत एक ही दिन में 3 हजार 229 बेटियों के हाथ पीले किए गए हैं, जिसके कारण ‘गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में छत्तीसगढ़ का नाम दर्ज हुआ है। इसमें भी एक विशेष पहल नारी निकेतन में रहने वाली बेटी का ब्याह है। आइए सुनते हैं कि इस पहल का क्या
असर है?
(1) नारी निकेतन-
माननीय मुख्यमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। शासकीय नारी निकेतन को संकट की परिस्थिति में रहने वाली बहनों का सुरक्षित आश्रय स्थल माना जाता है, परन्तु हमारे भूपेश बघेल की सरकार ने इसे भविष्य को संवारने का पावन स्थल बना दिया है। इस संदर्भ में हमारी खुशी की नई कहानी 27 फरवरी 2021 को लिखी गई, जब नारी निकेतन संस्था में रहने वाली हमारी बहन सुशीला कंवर दीदी का विवाह ‘मुख्यमंत्री कन्यादान योजना’ में हुआ। हमारे नारी निकेतन में 3 दिन तक लगातार हंसी-खुशी का माहौल था, बहुत धूमधाम से हमारी बहन की शादी का कार्यक्रम संपन्न हुआ। 25 फरवरी से 27 फरवरी तक मेहंदी, हल्दी, गौरी पूजा, मंगल गान, नृत्य, गीत-संगीत एवं पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह का आयोजन हुआ। विवाह में हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महोदय एवं उनके मंत्रीगण पूरे समय उपस्थित थे। इस खुशी के पल को हम जीवन में कभी भूल नहीं सकते कि हमें आशीर्वाद देने के लिये मुख्यमंत्री महोदय एक पिता के रूप में उपस्थित थे और हमारी सहेली को विशेष आशीर्वाद मंच में प्रदान किये। महत्वपूर्ण बात यह कि पूर्व में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की जितनी राशि व्यय की जाती थी, उसकी लगभग दुगुनी राशि 25 हजार रुपए भूपेश सरकार के सत्ता में आने के बाद विवाह व्यय हेतु की जा रही है। इससे हमारी बहन को अपनी गृहस्थी की शुरुआत करने में आसानी होगी। इसके लिए हम सभी बहनें सहृदय धन्यवाद करते हैं। हमारी संस्था नारी निकेतन में रहने वाली बहन की इस शादी के आयोजन के बाद नई आशा का संचार हुआ है एवं मन मंे विश्वास पैदा हुआ है कि आगे भी हमारी विवाह योग्य बहनों का घर भी यहां रहते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हमारी भूपेश सरकार बसाएगी। अब हम अपने आपको बेसहारा महसूस नहीं करते क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार, हमारे अपने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भइया हर कदम मंे हमारे साथ हैं। एक बार फिर हम सभी बहनें इस महत्वपूर्ण कार्य के लिये हृदय से कोटि-कोटि धन्यवाद देते हैं।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– निश्चित तौर पर यह मेरे लिए सौभाग्य और प्रसन्नता का विषय है। हर मां-बाप का सपना होता है कि उसकी बेटी का विवाह अच्छे से हो और यदि कोई बेटी संकट में है तो सरकार और समाज की जिम्मेदारी है कि वह माता-पिता की भूमिका निभाए।
– मुझे यह कहते हुए संतोष होता है कि हमने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामान्य जोड़े के लिए सहायता राशि 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार और दिव्यांगजन के लिए 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए की है।
– मैं चाहूंगा कि सभी बेटियां अपने नए घर-संसार में सुखी रहें।
एंकर
– माननीय मुख्यमंत्री जी, कोरोना संकट का मुकाबला करने में भी हमारी महिला शक्ति का बड़ा सहयोग रहा है। कोरोना संकट से निजात का रास्ता देख रही महिलाओं को अब कुछ नई सुविधाओं का इंतजार है। आइए सुनते हैं, एक विचार।
(1) एकता गुप्ता, कोटा बिलासपुर
आदरणीय मुख्यमंत्री जी सादर प्रणाम। मैं एकता गुप्ता कोटा बिलासपुर से बोल रही हूं। आपने जो कोरोना पेंडेमिक के समय बहुत सारी योजनाएं लाई हैं, वे सभी सराहनीय हैं। कई प्रकार की योजना है जैसे शिक्षा के क्षेत्र में पढ़ाई तुंहर दुआर, जड़ी बूटियों का संग्रहण, पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान को बढ़ावा, छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य परंपरा के पुनरुद्धार के साथ हर्बल औषधियों का निःशुल्क वितरण, पढ़ाई जैसी योजनाओं और महिलाओं के लिए चलाई जा रही दाई बेटी योजना जैसी योजनाएं बहुत ही सराहनीय हैं। योजना तो बहुत अच्छी लगती हैं परंतु यह सिर्फ शहरी क्षेत्र में न होकर वहां भी लागू हो जहां आवागमन के साधन अवरुद्ध हैं जैसे कि बहुत सारी जगहों पर ट्रेन और बस के साधन आज भी संचालित नहीं हो रहे हैं, कोरोना के कारण ट्रेन और बस अभी छोटे शहरों और अंचलों में जो बंद हैं, उसे थोड़ा जल्दी चालू किया जाए ताकि हम आगे बढ़ सकें और हमें जिन चीजों की कमी हो रही है वो भी संचालित हो सके और इसमें हमें अभी ये भी ख्याल रखना चाहिए कि कोरोना के कारण सेफ्टी बनाकर रखना चाहिए, धन्यवाद।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
– एकता जी, निश्चित तौर पर कोरोना-कोविड-19 देश और दुनिया के लिए एक नए तरह का संकट था।
– इस संकट से निपटने में हमें जो सफलता मिली है, उसमें नारी शक्ति का बड़ा योगदान है। अपने परिवार को संभालने, घर-गृहस्थी के साथ आजीविका संभालने की जिम्मेदारी आप लोगों ने बखूबी निभाई है।
– इस दौरान हमारे गांवों में खेती-किसानी का काम भी हुआ, जंगलों में वनोपज संग्रह, महात्मा गांधी नरेगा के तहत रोजगार, आंगनवाड़ी तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में महिलाओं का योगदान अभूतपूर्व रहा है।
– जहां तक ट्रेन व बस सुविधाएं शुरू करने का सवाल है तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हम अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि भारत सरकार जितनी जल्दी रेल परिवहन को सामान्य करें। राज्य सरकार के स्तर पर हम पूरा सहयोग करेंगे, वहीं प्रदेश में बस सेवाएं सामान्य करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
– कोरोना संकट के संदर्भ में मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि आप सब पात्रतानुसार टीकाकरण में सहयोग करें।
– टीका लगाने और लगवाने का काम भी आपके बिना पूरा नहीं होगा।
– टीका लगाने के बाद भी मास्क, सुरक्षित दूरी तथा हाथों को साबुन से बार-बार धोने जैसे उपाय करते रहें।
– आप सबको एक बार फिर शुभकामनाएं।
जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़
एंकर
– श्रोताओं लोकवाणी का आगामी प्रसारण 11 अप्रैल, 2021 को होगा। जिसमें माननीय मुख्यमंत्री जी के साथ ‘नया बजट-नए लक्ष्य’ का प्रसारण किया जाएगा। 24, 25 एवं 26 मार्च, 2021 को फोन नम्बर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके आप अपने विचार, सुझाव, सवाल रिकार्ड करा सकते हैं।









































