राजनांदगांव : बनना था बर्ड पार्क अब शीशम के जंगल काट बना रहे नालंदा परिषर…

युवाओं ने बाधा पेड़ो में रक्षा सूत्र,लिखा पत्र

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इस लिए विवाद में आगया है मामला:-

राजनांदगांव। नगर निगम के बजट सत्र 2020 में बार्ड पार्क बनने के लिए 1 करोड़ का प्रस्ताव किया गया था बैठक में सर्वसहमति बनने के बाद राशि स्वीकृत के लिए शासन को यह प्रस्ताव भेजा गया था ,जहां 28 लाख खर्च भी किये गये थे प्रस्तावित स्थान पर पटाव के नाम से लगभग 200 ट्रिप मिट्टी बूढ़ा सागर से निकाल डाली गई थी,बताया गया है कि बूढ़ा सागर के 17 करोड़ के सौदर्यकरण की राशि से ही बर्ड पार्क के सुरवाती कार्य कराया गया था।

निगम की सामान्य सभा मे मामले में भ्रष्टाचार पर जांच कमिटी बनाई गई

नगर निगम राजनाँदगाँव की सामान्य सभा की बैठक दौरान इस पूरे मामले में अधिकारियो सहित दोनो दल के नेता की जांच टीम बनाई गई थी जिस टीम ने भ्रष्टाचार की कार्यवाही में सत्यता बताया था तब छोटी चिड़िया यानी सब इंजीनियर पर कुछ महीनों तक निलंबन की गाज गिरी पर बड़ी चिड़िया यानी नेता बड़े अधिकारी और ठेकेदार गहरे आसमान में उड़ गये यानी उपरोक्त मामले में अब भी कार्यवाही लंबित है।

चौक चौराहे में हो रही किरकिरी

विधायक ने शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में नालन्दा परिषर बनाने के लिए की थी घोषणा चर्चा यह भी हो रही की निगम के अधिकारी स्थल परिवर्तन कर भ्रष्टाचार को ढकने की सीढ़ी बना रहे साथ ही वहां के मिट्टी की खोदाई किसके अनुमति और संरक्षण में हो रही है और समतली करण में कई पेड़ गिर गए और जो मार्किंग में पेड़ आरहे इन सब का क्या होगा इन सभी विषय पर शहर के बीच काफी चर्चा चल रही है

युवाओं ने बाधा पेड़ो में रक्षा सूत्र

पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री अपनी टीम के साथ नालन्दा परिषर के स्थल परिवर्तन को लेकर जिलाधीश सहित विधायक को पत्र सौंपा है साथ ही पेडो में रक्षा सूत्र बांध कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बर्ड पार्क एवं नो व्हीकल इको जोन बनाने की माँग उठाई है

वन विभाग और माइनिग विभाग भी मौन

यदि कोई अपने खेत का पेड़ काटता है तो उसे विधिवत वन विभाग से अनुमति लेनी होती है अन्यथा वन विभाग शिकायत पर कड़ी कार्यवाही करता है परंतु निगम क्षेत्र शासकीय भूमि में लगे शीशम के जंगल जो वन्य वृक्ष माने जाते है समतली करण की खोदाई में कई पेड़ गिरा दिए गए और मिट्टी का भी परिवान बिना माइनिग की अनुमति से हो रहा है आने वाले समय मे होने वाली कटाई में वन विभाग मौन बैठा है?