राजनांदगांव: फीस के लिए छात्रों का परीक्षा प्रवेश पत्र रोके जाने पर कांग्रेस का विरोध, डीईओ कार्यालय घेरा, तत्काल आदेश जारी…

आरटीई के छात्रों से वसूली गई फीस लौटाएं, छात्र – परिजनों को प्रताड़ना बर्दाश्‍त नहीं करेंगे – जितेंद्र मुदलियार

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राजनांदगांव। निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत अध्ययनरत छात्रों व मध्‍यम-ग़रीब वर्गीय छात्रों को परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी न किए जाने के गंभीर मामले पर जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मुद्दे को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करते हुए जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने तीखा विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल आरटीई के तहत शासन स्तर पर लंबित भुगतान का हवाला देकर छात्रों और परिजनों पर अनुचित दबाव बना रहे हैं। इसके साथ ही मध्‍यम व ग़रीब वर्गीय परिवारों के छात्रों पर भी फीस चुकाने का दबाव बनाने परीक्षा प्रवेश पत्र रोकने जैसी कार्रवाई न केवल अमानवीय है, बल्कि यह सीधे-सीधे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। आगामी सीबीएसई एवं छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई गई।

जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने स्पष्ट कहा कि आरटीई का भुगतान राज्य शासन और प्रशासन का विषय है। इसके लिए मासूम छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना पूरी तरह आपत्तिजनक और अस्वीकार्य है। इसके अलावा मध्‍यमवर्गीय और गरीब परिवारों के बच्‍चों को फीस न चुकाए जाने पर परीक्षा से प्रवेश पत्र से वंचित रखना भी सरासर अत्‍याचार है।

उन्होंने मांग की कि आरटीई के तहत अध्ययनरत सभी छात्रों व फीस न चुका पाए मध्‍यमवर्गीव व गरीब परिवार के छात्रों को बिना किसी देरी के प्रवेश पत्र जारी किए जाएं। 12वीं के छात्रों को परीक्षा के बाद टीसी के नाम पर परेशान न किया जाए। उन्‍होंने कहा कि जिन परिजनों से आरटीई के तहत अध्‍ययनरत छात्रों की फीस वसूली गई है, वह भी तत्काल वापस कराई जाए। घेराव के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए निजी स्कूलों को तत्काल प्रवेश पत्र जारी करने के निर्देश देने की बात कही तथा समाधान का आश्वासन दिया।

मुदलियार ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में आरटीई छात्रों के साथ इस प्रकार की शिकायतें दोबारा सामने आईं, तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तालाबंदी सहित उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

जिला अध्‍यक्ष मुदलियार ने राज्य की विष्णुदेव साय सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि शासन की आर्थिक नीतियों की विफलता के कारण निजी स्कूलों की आरटीई बकाया राशि लंबित है। स्कूलों के सामने वेतन और संचालन का संकट खड़ा है, जबकि इसका दुष्परिणाम छात्रों और परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। यह स्थिति पूरी तरह सरकार की नीतिगत विफलता का परिणाम है।

इस दौरान प्रदेश प्रवक्‍ता रुपेश दुबे, उत्‍तर ब्‍लाक अध्‍यक्ष चेतन भानुशाली, दक्षिण ब्‍लाक अध्‍यक्ष लक्ष्‍मण साहू, मामराज अग्रवाल, अशोक पंजवानी, सूर्यकांत जैन, मनीष गौतम, शरद खांडेवाल, बबलू कसार, रसीद खान, संदीप सोनी, कुलदीप कुरंजरेकर, राहुल चौबे, वीरेंद्र चंद्राकर, अभिमन्यु मिश्रा, राजा यादव, राहुल साहू, निशा गुप्ता, नरेश साहू, अंकेश बफाना, रिषभ निर्मलकर, राकेश चंद्राकर, लोकू यादव, सोनू साहू, धीरेंद्र जांगड़े, ललित मरकाम, आशीष साहू, राहुल साहू, रुपेश साहू, गोलू नायक, राहुल यादव, सुरेंद्र देवांगन, पिंकू खान, तामेश्‍वर बंजारे, नीलेश ठावरे सहित अन्‍य कांग्रेसजन मौजूद थे।