स्वास्थ्य विभाग संक्रमित व्यक्ति के मकान में पर्चा चस्पा नहीं कर रहे हैं

राजनांदगांव । जिला सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश में कोरोना पुनः बढ़ते चरण में होने के बाद भी सरकार में बैठे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व स्वास्थ विभाग सिर्फ खानापूर्ति में लगे हैं। कोरोना संक्रमित से बचने का उपाय अखबारों सुर्खियों में रहने के उद्देश्य प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हैं, किंतु हकीकत में संबंधित विभाग के जनप्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग विश्व कोरोना वायरस संक्रामक में कोई ठोस बचाव सुझाव जागरूकता नहीं करने के कारण राजनांदगांव जिला सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रामक पुनः पैर पसारते जा रहे हैं।
इसी प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्याक मोर्चा के प्रदेश सदस्य परवेज अहमद पप्पू ने जनप्रतिनिधि व स्वास्थ विभाग को आड़े हाथ लेते हुए बताया कि शहर सहित जिले में कोरोनावायरस संक्रमित की संख्या दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन संक्रमित परिवार के पड़ोसी को ही नहीं मालूम कि अपने ही पड़ोसी को संक्रमित हो गए हैं, और संक्रमित परिवार के सदस्य के साथ स्वयं अगर व्यक्ति सार्वजनिक रूप से घूम रहे हैं, कोई गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में संक्रमित लोगों की संख्या शहर में बढ़ेगी कि नहीं जरा स्वास्थ्य विभाग खुद सोचिए जबकि संक्रमित व्यक्ति के मकान में पर्चा चस्पा करते तो पड़ोसी सहित पूरे वार्ड में लोगों को मालूम हो जाता कि यह व्यक्ति मकान संक्रमित ग्रस्त हो गए हैं, इससे बचके और दूरियां सावधानी बनाकर रहना जरूरी समझते लेकिन संक्रमित परिवार के मकान में किसी प्रकार से स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई परिचय चस्पा नहीं करने से संक्रमित व्यक्ति व परिवार खुलेआम शहर में घूम रहे हैं, संक्रमित व्यक्ति के घर में चस्पा करने से संक्रमित व्यक्ति को खुलेआम घूमने डर रहेगा ।
श्री अहमद ने आगे बताया कि नगर पालिक निगम संक्रमित कचरा कलेक्शन के लिए विशेष टीम तैयार किए हैं, तथा शहर में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन भी ले रहे स्वच्छता दीदी लोग लेकिन संक्रमित परिवारों के यहां से कचरा नहीं लेना है, स्वच्छता दीदी को मालूम नहीं है क्योंकि संक्रमित परिवार के मकान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमित व्यक्ति के नाम से पर्चा चस्पा नहीं किए गए हैं इसलिए सभी कचरा को मिक्स कर ही रहे हैं, क्योंकि स्वच्छता दीदी को सभी घर से कचरा लेना है, यही सोच कर कचरा कलेक्शन करते हैं, लेकिन संक्रमित परिवार के मकान में इसी प्रकार से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पर्चा चस्पा नहीं करने से स्वच्छता दीदी लोग अनजाने में संक्रमित कचरा भी ले रहे हैं, ऐसी स्थिति में स्वच्छता दीदी को अगर संक्रमित होता है, तो उसका जिम्मेदार क्या स्वास्थ विभाग रहेंगे ।
अगर विभाग के जनप्रतिनिधि व स्वास्थ विभाग कोरोना वायरस संक्रामक को गंभीरता से समझते हुए लोगों को सुझाव बचाओ जागरूकता के साथ संक्रमित परिवार के मकान में पर्चा चस्पा करते तो लोग अपने आप में ही संक्रमित घर से बचके रहते और लोगों को बचाते लेकिन विभाग पर जनप्रतिनिधि व अधिकारी जानबूझकर कोरोना संक्रमित को हल्के में ले कर संक्रमित परिवार के मकान में कोई पर्चा चस्पा नहीं किए जा रहे हैं, जिससे वार्ड सहित शहर में संक्रमित फैलने का डर है, इसलिए विभाग के जनप्रतिनिधि और अधिकारी को यहां कोरोना संक्रामक को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए संक्रमित परिवारों को व मकानों में कोरोना संक्रमित गाइडलाइन का पालन करते हुए संक्रमित परिवार के मकान में पर्चा चस्पा किया जावे अगर संक्रमित व्यक्ति खुलेआम घूमते हैं।
कोरोना वायरस संक्रामक गाइडलाइन का पालन नहीं करते हैं तो कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया जावे व ऐसे परिवारों के यहां स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पर्चा चस्पा लगाने में लापरवाही कर रहे हैं तथा कुछ मकानों में पर्ची चस्पा किए भी हैं तो मकान मालिक पर्चा चस्पा को निकालकर दिए जा रहे हैं क्योंकि अपने आप में संक्रमित व्यक्ति शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं जबकि मकान संक्रमित व्यक्ति को ऐसा नहीं करना चाहिए तथा गाइडलाइन का पालन नहीं करने वाले संक्रमित मकान मालिक के ऊपर स्वास्थ्य विभाग गाइडलाइन का पालन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग का सहयोग भी लेना चाहिए जिससे पड़ोसी के साथ पूरा वार्ड भी सावधानी दूरियां बनाकर रहे।












































