राजनांदगांव। जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष व पार्षद दल के प्रवक्ता शिव वर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात होती है अमृत वर्षा । उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा का पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण पर्व है।

वर्मा ने आगे बताया कि यूं तो हर पूर्णिमा का हिंदू धर्म में महत्व होता है, लेकिन शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है, हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं, इस साल शरद पूर्णिमा 19 अक्टूबर ( मंगलवार ) को है, हालांकि पंचांग भेद होने के कारण कुछ जगहों पर यह पर्व 20 अक्टूबर को भी मनाया जाएगा। इस व्रत को आश्विन पूर्णिमा, कोजगारी पूर्णिमा और कौमुदी व्रत के नाम से भी जानते है, मान्यता है, कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है, इसे अमृत काल भी कहा जाता है।
कहते हैं, कि इस दिन महालक्ष्मी का जन्म हुआ था, मां लक्ष्मी समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुई थीं, पुराणों के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ गरूड़ पर बैठकर पृथ्वी लोक में भ्रमण के लिए आती हैं, इतना ही नहीं इस दिन मां लक्ष्मी घर – घर जाकर भक्तों पर कृपा बरसाती हैं, और वरदान देती हैं, कहते हैं, कि जिस घर में अंधेरा या जो सोता रहता है, वहां माता लक्ष्मी दरवाजे से ही लौट जाती हैं, मां लक्ष्मी की कृपा से लोगों को कर्ज से मुक्ति मिलती है, यही कारण है कि इसे कर्ज मुक्ति पूर्णिमा भी कहते हैं, शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पूरी प्रकृति मां लक्ष्मी का स्वागत करती है, कहते हैं, कि इस रात को देखने के लिए समस्त देवतागण भी स्वर्ग से पृथ्वी आते हैं।














































