
मोहला – आदिवासी विवाहित महिला और गांव की पूर्व पंच की जघन्य हत्या किसी और ने नहीं उसके पति के महाप्रसाद यानी मितान ने ही कर डाली। 16 फरवरी को दोपहर खेत की रखवाली करने घर से निकली पारिवारिक महिला से आरोपी दुष्कर्म करना चाहता था, जब उसमें कामयाब नहीं हुआ तो उसने क्रूरतम तरीके से इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
मामले का खुलासा करते हुए अंबागढ़ चौकी थाना में एसडीओपी अर्जुन कुर्रे व थाना प्रभारी कार्तिकेश्वर जांगड़े ने बताया कि विवाहित महिला और गांव की पूर्व पंच भूखीबाई लाटिया की निर्मम हत्या किसी और ने नहीं उसके पति के महाप्रसाद ने हत्याकांड को अंजाम दिया है। घटनाक्रम के मुताबिक गांव के ही आरोपी डाकेश उर्फ डाकेश्वर मंडावी पिता छगनलाल मंडावी 35 साल खेत की रखवाली कर रही भूखीबाई के साथ सुनसान समय में अनाचार करने का प्रयास किया।
महिला संकीर्ण मानसिकता के आरोपी के साथ अपनी अस्मिता की रक्षा और अपने आपको बचाने का भरसक प्रयास किया, परंतु आरोपी युवक महिला को ताकत के दम पर जमीन में पटकते हुए उस पर करीब पड़े हुए पत्थर से कई बार घातक कर उसकी हत्या कर दी। 15 दिनों से लगातार इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने अंबागढ़ चौकी पुलिस दिन-रात जुटी हुई थी। अंततः मामले का खुलासा करते आरोपी को थाना प्रभारी कार्तिकेश्वर जांगड़े ने गंभीर धाराओं के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की है।
आरोपी के शरीर में दिखे निशान
परिवार से जुड़े महाप्रसाद और मितान द्वारा किए गए इस कृत्य और पुलिसिया जांच के दौरान आरोपी के शरीर में जख्म के निशान देखे गए इसी के तहत इस हत्याकांड का खुलासा हुआ कि महिला ने अपनी अस्मिता की रक्षा करते हुए संघर्ष में घाव दे दिए थे।
लाज बचाने लगा दी जान की बाजी
जघन्य हत्याकांड की शिकार हुई महिला ने संकीर्ण मानसिकता के आरोपी से अपनी अस्मिता की रक्षा और अपने आपको बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी, परंतु आरोपी ने महिला को किसी तरह जमीन में पटकते हुए उस पर करीब पड़े पत्थर को लगातार पटकते हुए तन में फैले साड़ी से गला घोटकर जान ले ली।









































