राजनांदगांव : मूर्तियां खरीदने ग्राहकों की लगी भीड़, कल विराजेंगे “बप्पा”…

राजनादगांव, । संस्कारधानी का गौरव गणेशोत्सव की शुरू हो गई है। 19 सितंबर को भादो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को घर घर गणपति विराजेंगे। महावीर चौक सहित अन्य स्थानों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं के स्टॉल लग चुके हैं। बार छोटी मूर्तियों से लेकर पांच छह फीट ऊंची मूर्तियां बनाई गई हैं जिन्हें खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है।

मंगलवार को गणेश चतुर्थी से ग्यारह दिवसीय गणेशोत्सव का आगाज होगा। इस पर्व की तैयारी शहरवासियों ने शुरू कर दी है। समितियों के पदाधिकारी जोर शोर से गणेशोत्सव को सफल बनाने में जुटे हैं। सुमति मंडल, आशीर्वाद मंडल, नवरत्न मंडल, तिरंगा मंडल सहित अन्य समितियों में गणेश की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की जाएंगी। साथ ही भव्य स्थल

सजावट भी किया जाएगा। समितियों में पंडाल लगाने के साथ-साथ विद्युत सजावट की जा रही है। शहरवासी अपने घरों में भी विघ्नहर्ता की मूर्ति स्थापित करेंगे और ग्यारह दिनों तक सुबह शाम विधि विधान से पूजा अर्चना करेंगे। लोगों ने गणेश की प्रतिमा खरीदनी शुरू कर दी है।


महावीर चौक में दर्जनों की
संख्या में गणेश की मूर्तियों की दुकानें

सजाई गई हैं जिनमें छोटी बड़ी आकर्षक और मनोहारी प्रतिमाएं लोगों को लुभा रही हैं। इसी तरह गांधी चौक एवं पुत्री शाला स्कूल रोड सहित कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सजी है। कोरोना की बंदिशें समाप्त होने के बाद इस वर्ष मूर्तियों की ऊंचाई को लेकर कोई गाईड लाईन जारी नहीं हुई हैं इसलिए ऊंची प्रतिमाएं भी बनी हैं। इन दुकानों में दो सौ से लेकर पांच हजार रूपये तक की रेंज की मूर्तियां उपलब्ध हैं।

एक दुकान के संचालक रेशमा प्रजापति ने बताया कि अभी कम संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं। शाम को भीड़ बढ़ जाती है। फिर भी प्रतिमाओं की मांग अभी रफ्तार नहीं पकड़ी है। सोमवार और मंगलवार को अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। मिट्टी, सुतली, रंग के दाम बढ़ने से मूर्तियों का निर्माण महंगा हो गया है। परिवार के सभी सदस्य मूर्ति निर्माण में योगदान देते हैं जिसके बाद भी अपेक्षित आय नहीं होने से महंगाई के जमाने में जीवनयापन मुश्किल हो गया है। शासन को मूर्तिकारों की माली हालत पर ध्यान देने की जरूरत है।