
रायपुर छत्तीसगढ़ की सबसे हॉट सीट माने जाने वाला पाटन विधानसभा क्षेत्र फिर सुर्खियों में आ गया है क्योंकि पाटन विधानसभा में मुकाबला अब रोचक से महारोचक बन गया है। दरअसल, सीएम भूपेश बघेल की विधानसभा पाटन से भाजपा के सांसद और भूपेश के भतीजे विजय बघेल के बाद अब जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अमित जोगी ने नामांकन भर दिया है।

तो आज हम जानेंगे कि अमित जोगी के पाटन से चुनाव लड़ने पर वहां के सियासी समीकरण किस प्रकार से बदलेंगे और इससे किसे फायदा और किसे नुकसान होगा इस पर भी डेटा के आधार पर चर्चा करेंगे।
दरअसल अमित जोगी ने बड़ी ही प्लानिंग के साथ नामांकन भरा है। इसके पहले जोगी कांग्रेस ने शीतकरण महलवार को यहां से प्रत्याशी घोषित किया था। ये ब्लफ खेलने के बाद नामांकन की अंतिम तारीख को अचानक अमित जोगी ने अपना पर्चा दाखिल कर दिया और पार्टी ने इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी।
पाटन विधानसभा से कांग्रेस ने एक बार फिर सीएम भूपेश को मैदान में उतारा है, जबकि बीजेपी ने विजय बघेल को टिकट दिया है। अब अमित जोगी पर्चा भरने से यह मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा। बता दें कि मरवाही उपचुनाव में जोगी परिवार का जाति प्रमाण-पत्र रद्द किए जाने से जोगी परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ पाया था।
पाटन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गढ़ माना जाता है ऐसे में पाटन से जोगी की एंट्री चर्चा का विषय बना हुआ है। अमित जोगी के चुनाव लड़ने से सीएम भूपेश बघेल और बीजेपी से उम्मीदवार विजय बघेल के समीकरण बिगड़ जाएंगे। अमित जोगी की एंट्री से कांग्रेस यानी भूपेश बघेल को नुकसान की आशंका है और विजय बघेल को फायदा मिल सकता है। चाचा-भतीजे के इस जंग में अमित जोगी बाजी भी मार सकते हैं।
कका भतीजा के बाद जोगी की एंट्री
इससे पहले मुख्यमंत्री के भतीजे विजय बघेल को बीजेपी पाटन विधानसभा में उतारकर सियासी सहगर्मी बढ़ा दी है। ऐसे में अमित जोगी का पाटन से चुनाव लड़ने से चुनावी गणित पर असर पड़ सकता इससे पहले अमित जोगी ने ‘10 कदम गरीबी खत्म’ का नारा देते हुए चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा की थी, जिसमें छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी ने शपथ पत्र देकर जनता के बीच जाने की बात कही है।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसी)-जोगी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी लगातार पाटन में सक्रिय हैं। अगस्त में पाटन विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक रैली के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि जेसीसी-जे पाटन को ‘चाचा और भतीजा’ के चंगुल से मुक्त कराएगी। अब अमित जोगी खुद मैदान में उतर गए हैं। इससे जाहिर है कि सीएम भूपेश और विजय बघेल के लिए सीधे चुनौती खड़ी कर दी है। कुल मिलाकर अब इस त्रिकाणीय मुकाबले में चाचा-भतीजे को बिगड़ सकता है।
4000 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी
अमित जोगी धान का समर्थन मूल्य 4000 रुपये प्रति क्विंटल करने, जितना धान किसान बेचना चाहे पूरा खरीदने। प्रति एकड़ धान खरीदने की सीमा समाप्त करने और इसके अतिरिक्त प्रति एकड़ 10,000 रूपए की प्रोत्साहन राशि किसान को प्रतिवर्ष देने और खेती के लिए किसानों को बिजली पूर्णतः निःशुल्क देने जैसी घोषणाओं के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।
पिछले चुनाव में क्या थी जेसीसीजे की हालत
2018 विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल को कुल 84,352 वोट मिले थे। और उन्होंने इस सीट से भाजपा के मोतीलाल साहू को 27,477 वोटों से हराया था। इसके अलावा 2018 में जेसीसीजे ने शकुंतला साहू को पाटन से मैदान में उतारा था। उन्होंने कुल 13201 वोट हासिल किये थे और तीसरे स्थान पर रही थी। तो कुल मिलाकर इस सीट से मुकाबला बेहद ही रोमांचक होनेवाला है। अमित जोगी जीते या ना जीतें, पर अगर वो भूपेश बघेल के लिए मुसीबत खड़ी करने में सफल साबित हो जाते हैं तो इसे वो अपनी सियासी जीत ज़रूर मानेंगे।









































