VISION TIME : गुड़ फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर की करंट की चपेट में आने से मौत…

कवर्धा – जिले के पंडरिया थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम प्रतापपुर में संचालित एक गुड़ फैक्ट्री संचालक की घोर लापरवाही के चलते मंगलवार की सुबह एक ग्रामीण मजदूर की करंट की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पाण्डातराई पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। हालांकि अभी तक इस मामले में मजदूर की मौत के लिए लापरवाही और जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह पाण्डातराई थाना क्षेत्र के ग्राम प्रतापपुर में संचालित रामरतन गुड़ फैक्ट्री में ईंधन के उपयोग के लिए 709 ट्रक क्रमांक सीजी 04 जेबी 4202 ट्रक में भरकर गन्ना भुंसा लाया गया था। बताया जाता है कि ट्रक के डाला में भूंसा ऊपर तक ओव्हर लोड भरा था।

जिसे खाली करने फैक्ट्री में काम करने वाले तीन मजदूर परमिंदर, अक्षय निवासी अलीगढ़ उत्तर प्रदेश तथा जावेद कुमार पिता रंजन आयु 24 वर्ष निवासी उत्तर प्रदेश खाली करने के लिए ट्रक के डाला में चढ़े थे। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक जावेद भूंसा खाली करने सबसे ऊपर चढ़ा था वहीं परमिंदर और अक्षय कुछ नीचे थे। इसी दौरान जावेद का हांथ ट्रक के ऊपर से गुजरने वाले 11 केव्ही हाई वोल्टेज विद्युत तार के संपर्क में आ गया और जावेद की करंट के चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि परमिंदर और अक्षय ट्रक के नीचे फि का गए। घटना के बाद इसकी सूचना तत्काल पाण्डातराई पुलिस को दी गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है वहीं विवेचना की बात कही जा रही है।

गुड़ फैक्ट्री संचालक की लापरवाही

इस घटना के लिए गुड़ फैक्ट्री संचालक को दोषी ठहराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री संचालक द्वारा कई अव्यवस्थाओं की अनदेखी की गई है। मसलन फैक्ट्री में विद्युत सप्लाई के लिए विद्युत तारों को अव्यस्थित ढंग से फैलाया गया है। वहीं ट्रक में ओव्हर लोड भूसा भरा गया था और उसे खाली करने के लिए ऐसी जगह खड़ा किया गया था जिसके ऊपर से करंट प्रवाहित 11 केव्ही तार गुजरा हुआ था। माना जा रहा है कि इस कार्य में अगर जरा सी सावधान बरती जाती तो आज उत्तर प्रदेश से मजदूरी करने आए महज 24 वर्ष के युवा जावेद को अपनी जान न गवानी पड़ती। लेकिन हैरानी की बात है कि इस घोरलापरवाही को एक हादसा माना जा रहा है पुलिस प्रशासन द्वारा इसके लिए किसी लापरवाह की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है और न ही उसके खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही ही की गई है।