
खैरागढ़ । पति की हत्या कर भाई के साथ लाश को जलाकर बांध में फेंकने के चार साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रकुमार कश्यप ने पत्नी और उसके भाई को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामला जिले के मोहगांव थाने में नवंबर 20 में दर्ज किया गया था। मोहगांव थाना क्षेत्र में मृतक चमकोर सिंह के गुम होने का मामला उसके साढू रविन्द्र सिंह ने दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू करते प्रारंभिक रूप से पूछताछ के लिए गुमशुदा चमकोर सिंह की पत्नी को पकड़ा था।
पुलिस पूछताछ में पत्नी निशा कौर ने पति की हत्या के लिए भाई जसबीर सिंह को बुलाने और भाई द्वारा पति की चाकू मार कर हत्या करने, शव को मगरकुंड रोड किनारे जलाने के बाद चादर से बांधकर पैलीमेटा बांध के मुख्य गेट के नीचे डालने की जानकारी दी।
पुलिस ने तस्दीक के बाद गोताखोर की टीम. बुलाकर खोजबीन कराई तो वहाँ सड़ा गला शव बरामद किया जिसके हाथ में कड़ा देखकर शव की पहचान चमकोर सिंह के रूप में की गई। बताया गया कि मृतक चमकोर सिंह और पत्नी निशा कौर के बीच संबंध खराब होने के चलते लड़ाई झगड़े और मारपीट की घटना लगातार हो रही थी। परेशान होकर पत्नी निशा ने अपने भाई जसबीर को बुलाकर पति की हत्या करवा कर शव को छुपा दिया था।
मामला खुलने के बाद पुलिस ने पत्नी निशा और उसके भाई जसबीर के खिलाफ 302,201,34 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरतार कर मामला न्यायालय में पेश किया गया था। शासकीय अभिभाषक अल्ताफ अली द्वारा तर्क श्रवण किए जाने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रकुमार कश्यप ने मामले की सुनवाई करते आरोपियों पर दोष सिद्ध होने के बाद आजीवन कारावास और पांच हजार रू का अर्थदंड की सजा सुनाई।











































