
धर्म की स्थापना और अधर्म के अंत का संदेश देते हैं भगवान श्री कृष्ण :-किरण रविन्द्र वैष्णव

छुरिया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर जिले के ग्रामीण अंचलों में दही हांडी उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
इसी कड़ी में जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने ग्राम पैरीटोला, पांडेटोला एवं शिकारीटोला में आयोजित दही हांडी उत्सव कार्यक्रमों में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और ग्रामीणों के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।
साथ ही इस अवसर पर जिला भाजपा पूर्व महामंत्री श्री रविन्द्र वैष्णव, जनपद पंचायत छुरिया सदस्य श्रीमती उत्तरा निषाद, श्री लादूराम तुमरेकी, श्री शिशुपाल साहू, श्री पुरुषोत्तम साहू, श्री कांतिलाल साहू, श्रीमती सरिता चंन्द्रवंशी, श्री बृजलाल यादव, श्री ललित नेताम, श्री कुमार साहू, श्री नकुल नेताम, श्री धनन्ना यादव, श्री मनोज साहू एवं समाज के पदाधिकारी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।
दही हांडी उत्सव के दौरान तीनों गांवों में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता की।
वहीं युवाओं की टोलियों ने दही हांडी फोड़ने के लिए मानव पिरामिड बनाकर अपनी एकजुटता, साहस और उत्साह का प्रदर्शन किया। दही हांडी फूटते ही पूरा परिसर ‘जय श्रीकृष्ण’, ‘राधे-राधे’ और ‘नंद के आनंद भयो’ के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम में शामिल हुईं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों, युवाओं, मातृशक्ति एवं आयोजन समिति के सदस्यों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं दही हांडी उत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव है।
भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से सत्य, धर्म, कर्म, प्रेम, करुणा और कर्तव्य का संदेश दिया। उनका जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य के साथ अपने कर्तव्य का पालन करने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं।
दही हांडी उत्सव में युवाओं की सामूहिक भागीदारी एकता, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करती है। ऐसे आयोजन हमारी आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
श्रीमती वैष्णव ने आयोजन समिति एवं ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में अपनी परंपराओं और संस्कृति को जीवंत रखने के लिए सामूहिक रूप से किए जा रहे आयोजन निश्चित रूप से सराहनीय हैं।
उन्होंने सभी से आपसी प्रेम, भाईचारा एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखते हुए पर्वों को मिल-जुलकर मनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर ग्राम पैरीटोला, पांडेटोला एवं शिकारीटोला के बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, युवा, मातृशक्ति, जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के सदस्य एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी ने उत्साहपूर्वक दही हांडी उत्सव में सहभागिता निभाई और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ जन्माष्टमी पर्व को हर्षोल्लास से मनाया।











































