
बलरामपुर 06 जून 2021मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम से किया। मुख्यमंत्री बघेल ने वर्चुअल कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न वनमंडलों के वन प्रबंधन समिति के सदस्यों तथा किसानों से वर्चुअल संवाद किया। वर्चुअल संवाद में बस्तर, बिलासपुर, बलरामपुर, कांकेर, महासमुंद तथा कवर्धा वनमंडल के अंतर्गत जनप्रतिनिधि तथा वन प्रबंधन समिति के सदस्य और कृषक शामिल हुए। मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान ’’बटरफ्लाई ट्रेजर ऑफ छत्तीसगढ़’’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का जिला स्तरीय कार्यक्रम विकासखण्ड राजपुर के भिलाई खुर्द में आयोजित किया गया। जहां संसदीय सचिव एवं सामरी विधायक चिन्तामणि महाराज ने वृक्षारोपण कर योजना की विधिवत शुरूआत की और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात कर योजना के शुभारंभ के लिए उनको धन्यवाद दिया। संसदीय सचिव चिन्तामणि महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण योजना का क्षेत्र के किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी मुख्यमंत्री वृक्षारोपरण योजना महत्वपूर्ण हैं जो गैर वनीय क्षेत्रों में वनों की सघनता बढ़ाएगी और निजी भूमि पर वृक्षारोपण कर कृषक उसका विक्रय कर पायेंगे। जिससे उन्हें प्रोत्साहन योजना के तहत 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से राशि प्राप्त होगी। संसदीय सचिव चिन्तामणि महाराज ने मुख्यमंत्री से वनाधिकार पट्टाधारकों प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा या नहीं इस बारे में जानकारी ली। इस दौरान वहां उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से बात कर योजना को कृषक हितैषी बताते हुए इसे क्रियान्वयन के लिए आभार व्यक्त किया।
विधायक बृहस्पत सिंह भी मुख्यमंत्री वृक्षारोपण कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल
मुख्यमंत्री से बात कर योजना को बताया बहुआयामी, आय के साथ पर्यावरण को होगा लाभ
संयुक्त जिला कार्यालय भवन के स्वान कक्ष में सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं रामानुजगंज विधायक बृहस्पत सिंह, कलेक्टर श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तुलिका प्रजापति वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विधायक बृहस्पत सिंह ने मुख्यमंत्री से बात कर योजना को बहुआयामी बताते हुए कहा कि कृषकों के आय बढ़ने के साथ-साथ योजना से पर्यावरण को भी बहुत लाभ होगा। इमारती लकड़ियों की पूर्ति हो पायेगी और फलदार पौधों से सुपोषण अभियान में भी मदद मिलेगी। वृक्षारोपण के साथ-साथ कृषक हल्दी, अदरक की खेती भी कर सकते हैं,
जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। साथ ही विधायक सिंह ने कहा कि खेतों के बीच मेढ़ों में भी पेड़ लगाये जा सकते हैं जो वनीय सघनता को बढ़ाने में मदद करेगी। उन्होंन मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए कहा कि जिले में 23 लाख 76 हजार पौधे तैयार हो चुके हैं, जिन्हें वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत लगाया जायेगा। साथ ही विभिन्न विभागों के 33 नर्सरियों में 13 लाख 73 हजार पौधे तैयार किये जा रहे हैं, जिन्हें भी योजना के तहत आने वाले समय में लगाया जायेगा।
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली है, यदि वे धान फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी तरह ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाएगा, तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी। इसके अलावा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है, तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने व विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।
कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।