
कोसमी (मानपुर): शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं — यह वह दीपक है जो जीवन को दिशा देता है।इसी सोच के साथ शासकीय हाई स्कूल कोसमी विकास खण्ड, मानपुर, जिला मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी में शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के उद्देश्य से तीन प्रेरणादायक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।

गाँव के बच्चे, शिक्षक, अभिभावक और ग्रामवासी — सभी ने मिलकर इसे शिक्षा का एक “त्योहार” बना दिया।
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान बैठक — 7 अक्टूबर 2025 मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में शिक्षकों, शिक्षा प्रेमियों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बच्चों की सीखने की प्रक्रिया और नवाचार आधारित शिक्षण पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

प्राचार्य सुश्री गोता गुप्ता ने कहा “गुणवत्ता तभी बढ़ेगी जब हम सब मिलकर शिक्षा को एक साझा जिम्मेदारी समझेंगे।”
बैठक में शिक्षा के नए मानक तय किए गए और शिक्षकों ने इसे उत्साहपूर्वक स्वीकार किया।
शिक्षक-अभिभावक मेगा बैठक — 11 सितंबर 2025
“शिक्षक-अभिभावक मेगा बैठक” में विद्यालय परिसर बच्चों की हँसी और संवाद से गूंज उठा।
अभिभावकों ने अपने बच्चों की प्रगति के बारे में शिक्षकों से चर्चा की और विद्यालय की गतिविधियों की सराहना की।
इस अवसर पर बताया गया कि घर और विद्यालय का एकजुट प्रयास ही छात्र सफलता की सच्ची कुंजी है।
विद्यालय परिवार ने अभिभावकों को शिक्षा के सहयोगी के रूप में सम्मानित भी किया।
रजत जयंती समारोह — 25 वर्षों की गौरवगाथा
संकुल कोसमी में विद्यालय की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर “रजत जयंती समारोह” धूमधाम से मनाया गया।
विद्यालय प्रांगण में सजावट, रंगोली और खुशियों का माहौल चारों ओर बिखरा हुआ था।
छात्र-छात्राओं ने भाषण, निबंध और रंगोली प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी रचनात्मकता का अद्भुत प्रदर्शन किया।
विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्राचार्य ने कहा – “ये बच्चे हमारी सच्ची पूँजी हैं, जो भविष्य में कोसमी का नाम रोशन करेंगे।”
समर्पित मार्गदर्शक और सहयोगी प्राचार्य: सुश्री गीता गुप्ता शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष: श्री यशवंत साहू वरिष्ठ व्याख्याता: श्री बिसेलाल धनकर, श्री उजागर सिंह भंडारी
शिक्षाविद्: श्रीमती बबली साहू, श्रीमती भानुना सिरवैया, श्री रवि कुमार कंवर,संकुल समन्वयक: श्री कुशल साहू सहयोगी: समस्त ग्रामवासी कोसमी — जिनके उत्साह और सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। शिक्षा का नया अध्याय इन तीनों कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि -जब शिक्षा में गुणवत्ता, संवाद और सृजनशीलता एक साथ मिलते हैं, तो परिणाम न केवल बेहतर बल्कि प्रेरणादायक होते हैं।”
कोसमी विद्यालय परिवार और ग्रामवासियों के सहयोग से यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्ज्वल उदाहरण बन गई है।









































