
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का किया शुभारंभ
–कक्षा 12वीं में अध्यनरत विद्यार्थियों को मिलेगी नि:शुल्क नीट और जेईई की कोचिंग
–चयन के लिए कक्षा दसवीं में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य
–जिले के 177 विद्यार्थियों को नीट और जेईई की तैयारी करने मिलेगी नि:शुल्क कोचिंग
मोहला 04 अक्टूबर 2023। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की नवाचारी स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का गत दिवस अपने निवास कार्यालय से ऑनलाईन शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों और चार शहरों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी। इस दौरान उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मोहला से विद्यार्थी, वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह योजना बच्चों के सुनहरे भविष्य को गढऩे में अहम साबित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हर क्षेत्र में वातावरण का निर्माण करें। इस दिशा में सरकार द्वारा सबसे पहले कृषि के क्षेत्र में वातावरण बनाया गया। इससे कृषकों की संख्या और कृषि क्षेत्र की रकबा तथा उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए काम का असर लोगों को दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के वातावरण के लिए हमारी सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस दौरान कई विद्यार्थियों से बात की। विद्यार्थियों ने बताया कि स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना से उन्होंने इंजियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए संबल मिलेगा। उन्हें मंहगी कोचिंग नही लेना पड़ेगा। नि:शुल्क कोचिंग से गरीब तब के के विद्यार्थी भी आसानी से कोचिंग लेकर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। प्री.मेडिकल नीट तथा प्री.इंजीनियरिंग जेईई की नि:शुल्क कोचिंग के लिए 177 बच्चों का पंजीयन
स्कूल शिक्षा विभाग की स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना के अनुसार प्रदेश के कक्षा दसवीं में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा कक्षा 12वीं में अध्यनरत विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। कोचिंग राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कोचिंग सेंटर की स्थापना की तैयारी कर प्रवेश प्रारंभ कर दिया गया है।
स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना में मेरिट क्रम अनुसार विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। विद्यार्थी को संबंधित विकासखंड, शहर के शासकीय स्कूलों में कक्षा 12 वीं का नियमित विद्यार्थी होना अनिवार्य होगा। विकासखंड मुख्यालय की स्कूलों में कक्षा 12 वीं में जीव विज्ञान तथा गणित संकाय में अध्ययनरत विद्यार्थी ही पात्र होंगे। प्रत्येक कोचिंग सेंटर में 75 से 100 विद्यार्थियों का प्रवेश दिया जाना है।
इसमें प्री.मेडिकल तथा प्री.इंजीनियरिंग के लिए अधिकतम 50-50 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएगी। ये कक्षाएं शाम 3 बजे से 6:30 बजे तक संचालित होंगी। इस संबंध में विषय विशेषज्ञ नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों का नियमित आकलन तथा शिक्षकों की कक्षाओं के अध्यापन का भी अवलोकन किया जाएगा। योजना के संबंध में पालकों का फीडबैक भी लिया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाओं की यह विशेषता रहेगी कि यह टू-वे संवाद रहेगा अर्थात विद्यार्थी विषय विशेषज्ञों से प्रश्न पूछ सकेंगे। जेईई एवं नीट के लिए अलग.अलग कक्षाएं प्रदेश में संचालित आत्मानंद विद्यालय एवं अन्य विद्यालय में संचालित होंगी।
प्रत्येक कोचिंग केंद्र में भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान एवं गणित विषय के लिए नोडल शिक्षक तथा एक मुख्य नोडल अधिकारी प्राचार्य अथवा व्याख्याता स्टाफ के नियुक्त किए गए हैं। ऑनलाइन कोचिंग प्रदाता संस्थान विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड का विश्लेषणए विद्यार्थियों का फीडबैक, पालकों का फीडबैक की सघन मॉनिटरिंग हेतु मॉनिटरिंग अधिकारी भी नियुक्त किया जा रहे हैं। भविष्य में इसी तर्ज पर पीएससी की भी तैयारी ऑनलाईन माध्यम से कराए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ अवसर पर किया गया है। इस अवसर पर जिला शिक्षाधिकारी श्री के के बंजारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।









































