
मोहला 9 जून 2026। राज्य शासन की किसान हितैषी नीतियों एवं कृषि विभाग की सतत निगरानी के फलस्वरूप जिले में खरीफ सीजन के लिए किसानों को आवश्यक उर्वरकों की सुगम एवं समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों को खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी की तैयारियों को नई गति मिली है।
विकासखंड अम्बागढ़ चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत बागनारा के किसान श्री बिझवार सिंह पटेल ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर कहा कि उन्हें आदिमजाति सेवा सहकारी समिति आड़ेझर के समिति केंद्र से बिना किसी परेशानी के आवश्यक उर्वरक प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि समिति पहुंचने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उन्हें समय पर खाद उपलब्ध कराया गया, जिससे खेती की तैयारियां सुचारु रूप से आगे बढ़ रही हैं।
श्री पटेल ने बताया कि उनके पास लगभग 6 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर वे नियमित रूप से खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि समिति से उन्हें खेती की आवश्यकता के अनुरूप 4 बोरी यूरिया, 2 बोरी पोटाश सहित अन्य आवश्यक उर्वरक प्राप्त हुए हैं। समय पर खाद उपलब्ध होने से फसल प्रबंधन में सुविधा होगी तथा उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत समिति केंद्र में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली के कारण किसानों का समय बच रहा है और खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो पा रही हैं। किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों को मजबूती मिली है।
- शासन की योजनाओं से मिल रहा आर्थिक संबल, आजीविका हुई सुदृढ़
श्री बिझवार सिंह पटेल ने बताया कि खेती से प्राप्त आय के माध्यम से उन्होंने अपनी बड़ी पुत्री का विवाह संपन्न कराया है। साथ ही, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं कृषि कार्यों में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और समय पर उपलब्ध कृषि आदानों से किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है तथा उनकी आजीविका सुदृढ़ हो रही है।
उन्होंने किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों के लिए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर खाद एवं अन्य कृषि संसाधन उपलब्ध होने से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बेहतर उत्पादन के साथ कृषि कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।









































