
सायबर अपराध, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों पर लोगों को किया गया जागरूक — शहीद परिवारों का सम्मान और रक्तदान शिविर भी आयोजित
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर मनाए जा रहे ‘रजत जयंती महोत्सव’ के तहत राजनांदगांव पुलिस ने जिलेभर में जनजागरूकता अभियान, शहीदों का सम्मान और रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किए। यह विशेष अभियान 03 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2025 तक चला, जिसके दौरान राजनांदगांव पुलिस ने कुल 40 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 5790 लोगों को जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश ठाकुर और श्री राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के तहत साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों और नशे के दुष्प्रभावों से लोगों को अवगत कराया गया।

सायबर सुरक्षा पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन ठगी, फेक कॉल, फिशिंग लिंक, लोन ऐप, सोशल मीडिया ठगी और APK फाइल्स के माध्यम से आमजन को ठगा जा रहा है।
लोगों को समझाया गया कि —
किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें,
अपनी व्यक्तिगत जानकारी (OTP, पासवर्ड, बैंक विवरण) किसी के साथ साझा न करें,
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से मित्रता करने या निजी जानकारी साझा करने से बचें,
टू-स्टेप वेरिफिकेशन का उपयोग करें और समय-समय पर पासवर्ड बदलें।
साथ ही यह भी बताया गया कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध होता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में संपर्क करें।
महिला सुरक्षा और यातायात नियमों पर जागरूकता
महिलाओं को उनके अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अलावा, यातायात जागरूकता के तहत लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट का उपयोग, गति सीमा का पालन, नाबालिग ड्राइविंग से परहेज और वाहन चलाते समय मोबाइल के उपयोग से बचने की सलाह दी गई।
शहीदों को श्रद्धांजलि और रक्तदान कार्यक्रम
महोत्सव के दौरान राजनांदगांव पुलिस ने शहीदों को समर्पित कार्यक्रम आयोजित कर जिले में निवासरत 33 शहीद परिवारों का कुशलक्षेम जानकर श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।
इसके अतिरिक्त, रक्षिति केंद्र राजनांदगांव में आयोजित रक्तदान शिविर में पुलिस के 13 जवानों ने रक्तदान कर समाजसेवा का संदेश दिया। शहीद पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए पुलिस अधिकारियों ने उनके पूर्व विद्यालयों और महाविद्यालयों में जाकर शिक्षकों व विद्यार्थियों के साथ पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को याद किया।









































