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राजनांदगांव के दिग्विजय महाविद्यालय के डॉ. डाकेश्वर वर्मा ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स 2026 में दुनिया के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल…

राजनांदगांव:रसायन शास्त्र के जाने-माने शोधकर्ता, शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव के सहायक प्राध्यापक तथा नगर पंचायत घुमका निवासी डॉ. डाकेश्वर कुमार वर्मा ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर देश और छत्तीसगढ़ का नामरोशन किया है। उन्हें प्रतिष्ठित “ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स 2026″में दुनिया के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। डॉ. वर्मा की यह उपलब्धि उनके उत्कृष्ट शोधकार्यों, ग्रीनकेमिस्ट्री, क्वांटम केमिस्ट्री और नैनोमैटेरियल्स के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान को दर्शाती है।उनके नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई शोध पत्र और प्रतिष्ठित प्रकाशन घरानों (जैसे- एल्सेवियर, स्प्रिंगर, विले, रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री आदि) के माध्यम से कई पुस्तकें दर्ज हैं।

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उनके शोधकार्यों को वैश्विक स्तर पर भारी संख्या में साइटेशन मिले हैं, जो उनकी वैज्ञानिक उत्कृष्टता को प्रमाणित करते हैं। इस बड़ी उपलब्धि से महाविद्यालय में हर्ष का माहौल है।शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने डॉ. वर्मा को इस गौरवशाली सफलता पर बधाई दी है।यह सम्मान न केवल महाविद्यालय तथा छत्तीसगढ़ के अनुसंधान क्षेत्र के बढ़ते प्रभावको रेखांकित करता है, बल्कि युवा शोधकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। शोध पृष्ठभूमि डॉ. डाकेश्वर कुमार वर्मा, शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़, भारतमें रसायन विज्ञान के सहायक प्राध्यापक हैं।

वैज्ञानिक अन्वेषण के प्रति गहन जुनूनसे प्रेरित, उनका शोध मुख्य रूप से विविध अनुप्रयोगोंके लिए कार्बनिक यौगिकों की तैयारी और डिज़ाइन पर केंद्रित है। एक प्रभावशालीट्रैक रिकॉर्ड के साथ, डॉ. वर्माने 82 शोधपत्र/समीक्षालेख और 41  पुस्तक अध्याय लिखे/सह-लिखेहैं। उनके पास एक डिज़ाइन पेटेंट और आईपीआर, इंडियाके तहत दो प्रकाशित पेटेंट हैं। वे 50 से अधिक उच्च-प्रभावीपत्रिकाओं के समीक्षक के रूप में कार्य करते हैं। अपने अकादमिक प्रभाव का प्रमाणदेते हुए, डॉ. वर्माने 22 प्रकाशित पुस्तकों और 7 आगामीपुस्तकों के लिए संपादकीय जिम्मेदारियों पर प्रमुख संपादक का कार्यभार संभाला है, जिन्हेंएसीएस (यूएसए), आरएससी (यूके) औरएल्सेवियर (ऑस्ट्रेलिया) जैसेप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित किया जाना है। 3700से अधिक की संचयी उद्धरण संख्या, 32 का एच-इंडेक्स और 52 का आई-10 इंडेक्स के साथ, डॉ. वर्मा का प्रभाव वैज्ञानिक समुदाय में उनके काम की मान्यता और प्रासंगिकता के माध्यम सेस्पष्ट है।

इसके अलावा, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के एक शोध छात्र ने उनके सह-पर्यवेक्षण में अपनी पीएचडी पूरी की और शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ के 3  शोध छात्रों ने हाल ही में अपनी पीएचडी थीसिस जमा की।इस उपलब्धि के लिए संस्था प्रमुख डॉ सुचित्रा गुप्ता, महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं रजिस्ट्रार श्री दीपक परगनिहा ने डॉ वर्मा को बधाई एवं शुभकामनाये दी है।

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