
राजनांदगांव। वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभा… गणपति बप्पा मोर्चा आदि जयघोष के साथ गणेश जी की शानदार अगुवाई हुई। गाजे-बाजे एवं शोभायात्रा के साथ पंडाल तक गणेश जी को पहुंचाया फिर दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में स्थापना की गई। स्थापना का दौर देर रात तक चला और इसी के साथ ही गणेश पर्व का आगाज हो गया। साथ ही स्थल झांकियां भी लगभग तैयार हो गई है और कल से झांकियों का दीदार भी शुरू हो जाएगा।
पूरे प्रदेश में संस्कारधानी के गणेश पर्व व परंपरा की एक अलग पहचान हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गणेशोत्सव समितियों ने जोरदार तैयारी की है। चौक-चौराहों पर पंडाल सजकर तैयार है।

आकर्षक लाईटिंग भी की गई। फ्लाई ओव्हर के नीचे थोक के भाव में गणेश जी की प्रतिभाओं की बिक्री हुई। इस बार भी थनौद के अलावा दुर्ग से बड़ी मूर्तियां आई। दोपहर में गंतव्य तक गणेश जी को ले जाने भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। गंज लाइन से लेकर सनसिटी तक शोभायात्रा के साथ गणेश जी की अगुवाई की गई। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनट से शुरू होकर दोपहर एक बजकर 40 मिनट तक रहा। गणेश जी की स्थापना हुई। हालांकि शाम 4 बजे, 6 बजे और 8 बजे भी गणेश जी की स्थापना की गई।
गणेश स्थापना के साथ ही स्थल झांकियां भी लगभग तैयार हो चुकी है। पिछले कुछ वर्षों में स्थल झांकियां बेहद कम हो गई थी लेकिन इस बार आधा दर्जन समितियों ने स्थल झांकियां तैयार की है।









































