राजनांदगांव : गौठान से जुड़ी महिला समूह ने पूरे प्रदेश में जिले का नाम गौरवान्वित किया, महिला समूह ने आश्चर्यजनक रूप से अपने आप को स्थापित करते हुए आय का बनाया जरिया -कलेक्टर…

– महिला समूह द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की सी-मार्ट के माध्यम से की जा रही बिक्री
– कृषि, पशुपालन, मछली पालन, उद्यानिकी से जुड़कर और अधिक सशक्त बनने का दिया संदेश
– गौठान की महिला स्वसहायता समूह के हितग्राहियों के आजीविका संवर्धन हेतु एक दिवसीय जागरूकता शिविर सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

राजनांदगांव 08 जून 2022। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा आज शहीद विनोद चौबे मेमोरियल ऑडिटोरियम में गौठान से जुड़े महिला स्वसहायता समूह के हितग्राहियों के आजीविका संवर्धन हेतु आयोजित एक दिवसीय जागरूकता शिविर सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए। कलेक्टर सिन्हा ने स्वसहायता समूह की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिले की महिलाएं काफी जागरूक हैं। महिला समूह ने अवसर मिलने पर अपने आप को साबित कर दिखाया है। गौठान से जुड़कर महिला समूह ने पूरे राज्य में जिले का नाम गौरवान्वित किया है।

कलेक्टर ने कहा कि पिछले एक साल में महिला समूह ने काफी तेजी से आर्थिक आमदनी के क्षेत्र में आगे बढऩे का काम किया है। उन्होंने कहा कि कभी किसी ने सोचा नहीं था कि गोबर को लाभ का जरिया बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरगामी सोच के चलते गौठान को विकसित करने के साथ-साथ महिला समूह को जोड़कर रोजगार का सृजन करने का अवसर मुहैया कराया गया। जिसके चलते महिला समूह ने केवल 1 साल के समय में काफी सराहनीय कार्य करते हुए आमदनी अर्जित करने का पुख्ता जरिया ढूंढ लिया है। कलेक्टर ने कहा कि वे लगातार जिले के गौठानों का भ्रमण कर रहे हैं। गौठानों में पहुंचकर देखने से पता चलता है कि महिला समूह ने आश्चर्यजनक रूप से अपने आप को स्थापित करते हुए आय का जरिया बना लिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जहां रोजगार के सभी अवसर में मंदी छाया हुआ था। उस दौरान भी महिला समूह ने अपने आपको अग्रणी भूमिका के साथ स्थापित कर दिखाया है। कलेक्टर ने कहा कि जिले की महिला समूह ने केवल ऋण लेने का ही काम नहीं किया है। बल्कि समय रहते ऋण की किस्त भी जमा किया है

कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि महिला समूह द्वारा गौठानों के माध्यम से अनेक प्रकार के उत्पाद का निर्माण किया जा रहा है। महिला समूह द्वारा वर्तमान में अचार, पापड़, मसाला बनाने का काम किया जा रहा है। इन सामग्रियों को स्कूल, आश्रम और आंगनवाड़ी केन्द्र के माध्यम से क्रय कर महिला समूह को सशक्त बनाने का काम किया जा रहा है। महिला समूह द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सी-मार्ट स्थापित किया गया है। जिसके माध्यम से महिला समूह द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिला समूह में क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें अवसर और सुविधा उपलब्ध कराए जाने से वे सशक्त रूप से और आगे आ सकती हैं। कलेक्टर ने डोंगरगढ़ विकासखंड के चौतूखपरी गौठान की महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां की महिलाओं ने केवल दो-तीन माह के समय में 2 लाख रूपए का मसाला उत्पादन से लाभ अर्जित किया है। यह अपने आप में एक कीर्तिमान है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र, लाभ अर्जित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कृषि, पशुपालन, मछली पालन, उद्यानिकी से जुड़कर और अधिक सशक्त बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में व्यापार की काफी संभावनाएं हैं। इसके लिए ग्राहक तलाशने की जरूरत नहीं होती है। अच्छे उत्पाद होने पर ग्राहक खुद ब खुद चल कर आते हैं। कलेक्टर ने महिला समूह को गौठान समूह से जोड़कर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आमदनी अर्जित करने कहा।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश चंद्राकर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि गौठान समूह से जुड़कर महिलाएं लगातार आर्थिक उन्नयन के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले की गौठान से जुड़ी महिला स्वसहायता समूह द्वारा 15 करोड़ रूपए का गोबर क्रय कर वर्मी कंपोस्ट बनाया गया है। वर्मी कंपोस्ट से महिला समूह द्वारा 5 करोड़ रूपए का लाभ अर्जित किया गया। उन्होंने महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूह ने जिले का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर दाऊ वासुदेव चंद्राकर विश्वविद्यालय के कुलपति एमपी दक्षिणाकर ने कहा कि यह कार्यशाला 6 विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित की गई है। कार्यशाला के माध्यम से महिला समूह को कृषि क्षेत्र से जोड़कर आमदनी अर्जित करने के नए-नए तरीके से संबंधित जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में कौशल उन्नयन के माध्यम से आर्थिक आमदनी अर्जित करने का रास्ता निकलता है। गौठनों से जोड़कर आय का स्रोत बनाने का प्रशिक्षण भी इस कार्यक्रम के माध्यम से दिया जाएगा। इस अवसर दाऊ वासुदेव चंद्राकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी, ग्राम उद्योग के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंड के गौठान से जुड़े स्वसहायता समूह की महिलाएं शामिल हुई। गौठान में किए जाने वाले विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से महिला स्वसहायता समूह को अग्रणी बनाने के संबंध में आवश्यक चर्चा परिचर्चा एवं प्रशिक्षण दिया गया।