
राजनांदगांव। ग्राम कलकसा के किसानों ने फसल गिरदावरी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए संबंधित पटवारी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है। किसानों ने जिला कलेक्टर राजनांदगांव को ज्ञापन सौंपकर बताया कि ग्राम कलकसा के खसरा नंबर 1 से 454 तक की कृषि भूमि पर सही ढंग से गिरदावरी नहीं की गई है। इसके कारण कई किसानों की फसल का रिकॉर्ड राजस्व अभिलेख में दर्ज नहीं हुआ और वे अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित रह गए हैं।
धान खरीदी शुरू होने के पहले किसानों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। छुरिया और डोंगरगढ़ विकासखंड में एक हजार से अधिक एकड़ की गिरदावरी रिकार्ड शून्य दिखाई दे रही है। गिरदावरी रिकार्ड शून्य होने के कारण हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित हो जाएंगे। छुरिया और डोंगरगढ़ के बिजेतला के किसानों ने बताया कि फसल की गिरदावरी रिकार्ड में शून्य दिखाई दे रही है, जबकि उन्होंने खेतों में धान की बुवाई की थी। करीब एक हजार से अधिक एकड़ जमीन की गिरदावरी इस बार शून्य दर्शायी गई है। किसानों ने बताया कि, ऐसा होना असंभव है क्योंकि सभी किसानों ने समय पर धान की फसल बोयी थी और खेतों में फसल की स्थिति भी अच्छी है। गिरदावरी शून्य होने के कारण इन किसानों को धान बेचने से वंचित होना पड़ेगा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
गिरदावरी रिकार्ड शून्य दिखाई देने के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। इधर, किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल के नेतृत्व में किसानों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपकर सम्बन्धित जमीन की पुनः गिरदावरी सर्वेक्षण कराने की मांग की। ताकि वास्तविक स्थिति दर्ज हो सके और किसानों को उनका उचित अधिकार मिल सके। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रशासनिक कार्यालयों के समक्ष आंदोलन करने को मजबूर, होंगे।
घुमका पटवारी हल्का नंबर तीन की पटवारी ज्योति पराते के खिलाफ भी किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने पटवारी पर कार्रवाई करने व अन्यंत्र ट्रांसफर करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। सहसपुर-दल्ली, कलकसा भरकाटोला, अमलीडीह कौहाकूडा एवं दाबा के किसानों ने बताया कि प्रत्येक ग्राम में. धान की फसल की गिरदावरी करना अनिवार्य किया गया है। ग्राम कलकसा में खसरा नंबर एक से 454 खसरे है। जिसमें बटांकन भी है। लगभग 600 खसरे हैं। पटवारी द्वारा गिरदावरी के समय पूरे खसरे का गिरदावरी नहीं किया गया है। पटवारी द्वारा खसरा नं. 137/2 से गिरदावरी करना शुरू किया गया है और आगे को खसरा नंबर का गिरदावरी नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में ग्राम कलकसा एवं अन्य ग्राम के कृषकों द्वारा अपने नाम व स्वमित्व के कृषि भूमि पर लगे धान की फसल को बिना गिरदावरी के सहकारी सेवा समिति में समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित हो जाएंगे।









































